- पीजी और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भुगतान में अंतर दूर करने की मांग की
- एनएचएम कर्मियों का नियमितीकरण और ढाई दिन के वेतन का मामला भी लंबित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का स्टाइपेंड 12,300 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने को स्वास्थ्य विभाग से मंजूरी मिलने की चर्चा मंगलवार की देर शाम तक छाई रही लेकिन कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। हालांकि इंटर्न आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा भी विभाग के सामने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की दूसरी मांगें भी लंबित हैं, जिन्हें लंबे समय से उठाया जा रहा है और आंदोलन व प्रदर्शन भी हो चुके हैं।
पीजी और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अपने स्टाइपेंड और मानदेय की समीक्षा कर भुगतान में अंतर दूर करने की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम के कर्मचारी नियमितीकरण चाहते हैं। स्वास्थ्य विभाग के नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को छुट्टी के दिन ड्यूटी करने के बदले ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन देने का मामला भी सरकार के सामने है।
जम्मू-कश्मीर मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने 18 सितंबर में स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर पीजी और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड और मानदेय की समीक्षा करने की मांग की थी। एसोसिएशन ने जम्मू-कश्मीर के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में मिलने वाले भुगतान की तुलना दूसरे राज्यों और केंद्र सरकार के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से करने की जरूरत बताई थी। मांग है कि पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय की समीक्षा कर भुगतान में अंतर दूर किया जाए।
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एनएचएम कर्मचारियों को नियमितीकरण का इंतजार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत काम करने वाले कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन बढ़ाने और सेवा संबंधी लाभ देने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने सितंबर में प्रदेशव्यापी हड़ताल भी की थी। कर्मचारियों की प्रमुख मांग लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मियों की नौकरी स्थायी करने और उनकी सेवा शर्तों में सुधार करने की है। हालांकि, लिखित आश्वासन मिलने से नियमितीकरण अपने आप लागू नहीं हो जाता। एनएचएम कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष रोहित सेठ का कहना है कि महीने भर बीतने के बाद भी सरकार की ओर से अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। जल्दी ही कोई फैसला नहीं हुआ तो फिर से हड़ताल शुरू की जाएगी।
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छुट्टी के दिन ड्यूटी के बदले ढाई दिन के वेतन भी मुद्दा
स्वास्थ्य विभाग के नॉन-गजेटेड कर्मचारी रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिन ड्यूटी करने के बदले ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन देने की मांग कर रहे हैं। जनवरी में जारी आदेश के बाद यह मामला फिर चर्चा में आया था। इसके बाद सरकार ने मार्च में मामले की जांच के लिए समिति गठित की थी। अप्रैल में समिति की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई। नाॅन गैजेटेड स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि अगस्त में तीन दिन की हड़ताल की गई थी। स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर हड़ताल आगे नहीं बढ़ाई गई लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। जल्दी ही फैसला नहीं हुआ तो फिर से हड़ताल की जाएगी।