जम्मू। जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के पदाधिकारियों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू सहित अन्य उच्चाधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें चिकित्सा कर्मियों की डीपीसी सहित अन्य मांगों को उठाया गया।
फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने बताया कि पिछले कई साल से डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) न होने से सैकड़ों कर्मियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्हें एसआरओ-20 के तहत डीपीसी का लाभ दिया जाए। कोविड के दौरान जान गंवाने वाले चिकित्सा कर्मचारियों के परिवारवालों को तुरंत मुआवजा राशि जारी की जाए। फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों का लंबित वेतन जारी किया जाए। नई फार्मेसी अधिनियम के तहत सभी फार्मासिस्टों को पंजीकृत करने की व्यवस्था की जाए।
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ये भी हैं मांगें
स्वास्थ्य कर्मियों ने मांग की कि प्रशिक्षण के बाद बेसिक हेल्थ वर्कर को पदोन्नति दी जाए। पिछले तीस साल से लंबित एसआरओ-20 में संशोधन किया जाए। परिवार कल्याण विभाग के वेतन हेड 2211 का स्थायी समाधान करके कर्मियों को नियमित वेतन जारी किया जाए। स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत नान गजटेड कर्मियों को जोखिम भत्ता दिया जाए। जूनियर स्टाफ नर्स के वेतन ग्रेड को बढ़ाया जाए। इसके अलावा अन्य मांगों को भी उठाया गया। वित्तीय आयुक्त ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को जल्द चिकित्सा कर्मियों की मांगों का हल करने के निर्देश दिए। बैठक में सरदार प्रफुत सिंह, चौधरी जरनैल सिंह, नीलम कुमारी, जसविंदर सिंह, मोहम्मद नदीम, पवन सिंह आदि मौजूद रहे।