कांग्रेस का यह मार्च राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए निकाला जा रहा था, जिसमें जम्मू-कश्मीर में जल्द से जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की गई थी।
ज्यूल चौक पर रोका गया मार्च, कार्यकर्ताओं की पुलिस से हुई हल्की झड़प
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने ज्वेल चौक पर बैरिकेड लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद कुछ देर के लिए हल्की धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव जीए मीर, कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला समेत कई पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों को हिरासत में लिया।
कांग्रेस ने दो साल से चला रखा है राज्य का दर्जा बहाली अभियान
प्रदर्शन से पहले तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि कांग्रेस पिछले करीब दो वर्षों से जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 20 जिलों में कार्यक्रम, भूख हड़ताल और चलो श्रीनगर, चलो जम्मू और चलो दिल्ली जैसे अभियानों के जरिए अपनी मांग उठाई है।
कर्रा ने कहा कि कांग्रेस आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी जिला स्तर पर दूसरे चरण के कार्यक्रमों की तैयारी कर रही है और कठुआ के लखनपुर से उत्तरी कश्मीर के लोलाब तक लंबी पदयात्रा निकालने पर भी विचार कर रही है।
बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत पैकेज की मांग
कांग्रेस नेताओं ने हाल में पुंछ और राजौरी में आई फ्लैश फ्लड से प्रभावित लोगों के लिए व्यापक पुनर्वास पैकेज जारी करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से लोगों की जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और सरकार को प्रभावित परिवारों की मदद के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
जीए मीर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने विधानसभा चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान किया था और उन्हें उम्मीद थी कि केंद्र सरकार अपने वादे के अनुसार राज्य का दर्जा बहाल करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दो साल बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का 'हमारी रियासत, हमारा हक' अभियान लगातार जारी रहेगा और राज्य के दर्जे की बहाली की मांग को हर मंच पर उठाया जाएगा।