मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) ने इमरान रज़ा अंसारी की भड़काऊ टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। एमएमयू ने इमरान पर कानूनी कार्रवाई की मांग की साथ ही सामुदायिक बहिष्कार का आह्वान किया है।
एमएमयू ने जारी बयान में कहा कि मजलिस में सुन्नी और शिया और सभी इस्लामी विचारधाराओं के विद्वान और नेता शामिल हैं। इमरान रज़ा अंसारी की लगातार भड़काऊ टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं। अपने पिछले बयान में, मजलिस ने इमरान का नाम लेने से परहेज किया था, इस उम्मीद में कि वह अपने दुर्भावनापूर्ण इरादे पर विचार करेंगे और उसे सुधारेंगे।
आगा सैयद हसन अल मूसवी, मौलवी मसरूर अब्बास अंसारी, आगा सैयद मोहम्मद हादी अल मूसवी हादी और अन्य शिया धर्मगुरुओं ने स्पष्ट रूप से इमरान अंसारी के बयानों से खुद को अलग कर लिया है और पुष्टि की है कि इस तरह के भाषण का इस्लाम की शिक्षाओं या अहल-अल-बैत की परंपराओं में कोई स्थान नहीं है।
आगा सैयद हसन अल मूसवी, मौलवी मसरूर अब्बास अंसारी, आगा सैयद मोहम्मद हादी अल मूसवी हादी और अन्य शिया धर्मगुरुओं ने स्पष्ट रूप से इमरान अंसारी के बयानों से खुद को अलग कर लिया है और पुष्टि की है कि इस तरह के भाषण का इस्लाम की शिक्षाओं या अहल-अल-बैत की परंपराओं में कोई स्थान नहीं है।