पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट तीन सितंबर को सुनवाई करेगी। फैसल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि 14 अगस्त को दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया और श्रीनगर ले जाकर नजरबंद कर दिया गया।
जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने शुक्रवार को याचिकाकर्ता और सरकार को सुनवाई की अगली तारीख से पहले अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि याचिका पर तीन सितंबर को सुनवाई की जाएगी। पीठ ने शीघ्र सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि रातोंरात कुछ नहीं होने वाला है और याचिका की सुनवाई में वक्त लगेगा। एक हफ्ते या दस दिन में कोई फर्क नहीं पड़ता।
साथ ही पीठ ने यह भी साफ कर दिया कि वह शाह फैसल के अपनी पढ़ाई के लिए अमेरिका जाने के मुद्दे की सुनवाई नहीं करेगा क्योंकि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में उनकी ओर से इसकी मांग नहीं की गई है। यह याचिका फैसल के मित्र मोहम्मद हुसैन कादिर ने उनकी तरफ से दायर की है।
परिवार को मिलने की दी इजाजत
संक्षिप्त सुनवाई के दौरान शाह फैसल के वकील ने पीठ से उनके बेटे और अभिभावकों से मिलने की अनुमति देने की मांग की। इस पर पीठ ने कहा कि फैसल की पत्नी, बेटा और अभिभावक उनसे मिल सकते हैं लेकिन सभी एक साथ नहीं। केंद्र सरकार के वकील ने भी कहा कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि परिवार के लोग फैसल से मिल सकें।