सियाचिन दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का दौरा किया। 12 हजार फीट की ऊंचाई पर विषम परिस्थितियों में सीमा की रक्षा कर रहे जवानों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। सियाचिन पहुंचे सिंह ने जवानों की बहादुरी को सलाम किया और कहा कि वह देश की रक्षा कर रहे इन जवानों के माता-पिता को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर उनके बेटों को देश सेवा में भेजने के लिए धन्यवाद देंगे।
सियाचिन में हमारे जवान प्रतिकूल परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्र में पूरे साहस और धैर्य के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। मैं उनके जोश और पराक्रम को सलाम करता हूं। सियाचिन बेस कैंप में सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी सीमाओं की पवित्रता बनाए रखने और देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विपरीत परिस्थितियों में सियाचिन वारियर्स के दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता सराहनीय है।
अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता पर रखने के लिए राष्ट्र की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। सैनिकों को आश्वासन दिया कि सरकार सियाचिन ग्लेशियर में कामकाज के लिए सभी परिचालन और प्रशासनिक आवश्यकताओं के बारे में पूरी तरह से अवगत है। प्राथमिकता पर इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार के पूर्ण समर्थन का भी आश्वासन दिया।
काराकोरम रेंज में स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र है जहां जवानों को अत्यधिक सर्दी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है। सर्दियों में ग्लेशियर पर भूस्खलन और हिमस्खलन आम बात है। कई जवान सियाचिन ग्लेशियर की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं। राष्ट्र सदैव उनकी सेवा और बलिदान का ऋणी रहेगा। उन्होंने सियाचिन युद्ध स्मारक पर पुष्पमाला चढ़ाई।