वीरान नजर आ रही धर्मनगरी
विशेष रूप से मां वैष्णो देवी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा समय में हर दिन औसतन 12 से 13 हजार श्रद्धालु मां के भवन के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। मंगलवार शाम छह बजे तक 12 हजार 600 श्रद्धालु मां के दरबार के लिए रवाना हुए। इनमें लगभग 70 प्रतिशत श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर से ही संबंधित थे। पहले गर्मी के इस मौसम में हजारों श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाली धर्मनगरी अब वीरान नजर आ रही है। स्थानीय दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और तीर्थ यात्रा से जुड़े लोगों की आमदनी पर इसका सीधा असर पड़ा है। श्रद्धालु व पर्यटक अपनी बुकिंग रद्द करवा रहे हैं।
आसानी से मिल रहा हेलिकॉप्टर का टिकट
मौजूदा हालात को देखते हुए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड सभी व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रहा है। श्राइन बोर्ड के अनाउंसमेंट बूथों से लगातार सूचित किया जा रहा है कि जिन श्रद्धालुओं को भवन (वैष्णो देवी) के लिए हेलिकॉप्टर टिकट की आवश्यकता है वे निहारिका भवन स्थित काउंटर से शीघ्र संपर्क करें। इन दिनों में कई माह तक हेलिकॉप्टर की बुकिंग एडवांस में रहती थी और तुरंत टिकट नहीं मिलता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है।
हेलिकॉप्टर सेवा को लेकर सुरक्षा बढ़ाई
श्राइन बोर्ड के कर्मचारी हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और यात्रियों को सुविधा एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे ड्यूटी पर हैं। हेलिकॉप्टर सेवा को लेकर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती भी अतिरिक्त रूप से की गई है। स्थानीय प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि माता वैष्णो देवी की यात्रा निर्बाध रूप से चलती रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।