पौनी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कलहाड़ गांव में जागरूकता अभियान चलाया, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने पानी शुल्क वसूली को लेकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नहर जगह-जगह से टूटी हुई है, जिससे पानी उनकी जमीनों में बह रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक नहर की मरम्मत नहीं की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, वे शुल्क देने को तैयार नहीं हैं। सिंचाई विभाग के एई अंकुश ने बताया कि किसानों से गेहूं, धान जैसी फसलों के हिसाब से सालाना शुल्क लिया जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उच्च अधिकारियों से बात हो चुकी है और आदेश मिलते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। संवाद