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पशु तस्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत के बाद उपद्रव, छावनी में तब्दील हुई भद्रवाह

Thu, 16 May 2019 10:05 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पशु तस्कर की मौत के बाद हिंसा और आगजनी - फोटो : अमर उजाला
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शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर नालठी में बुधवार आधी रात के बाद एक पशु तस्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। एक अन्य तस्कर के घायल होने की सूचना है। इस घटना के बाद क्षेत्र में वीरवार सुबह ही बवाल शुरू हो गया। मृतक के परिवार वालों ने भद्रवाह थाने पर हमला किया। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की दुकानों, घरों और वाहनों पर पथराव किया। आगजनी की। पथराव में एक पुलिस कर्मी और दो सीआरपीएफ के जवान घायल हो गए। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पूरे भद्रवाह में कर्फ्यू लगा दिया गया। सेना भी तैनात कर दी गई। मोबाइल इंटरनेट सेवा को भद्रवाह सहित पूरे डोडा जिले में बंद कर दिया गया। पुलिस ने फायरिंग की घटना के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि पूछताछ के लिए सात लोग हिरासत में लिए गए हैं। 

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वीरवार की देर रात करीब ढाई बजे किला मोहल्ला निवासी नईम शाह कहीं जा रहा था। इस बीच आसपास के लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी। लोग मौके की तरफ दौड़े। नालठी में खून से लथपथ नईम शाह का शव मिला। उसके बाद एक समुदाय ने हंगामा शुरू कर दिया। वीरवार की सुबह होते-होते पूरे भद्रवाह में उपद्रव शुरू हो गया। दो समुदायों के बीच हिंसक झड़पे होने लगीं। पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने मोर्चा संभाला। इस बीच कई गाड़ियों, दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई। इसमें चार गाड़ियां पर्यटकों की भी क्षतिग्रस्त हुईं। एक आटो को आग के हवाले कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, सीआरपीएफ और सेना को बुला लिया गया। प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागकर तितर-बितर किया गया।  

यह पूरा मामला पशु तस्करी से जोड़ कर देखा जा रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि मारा गया नईम पशु तस्कर था। पशु तस्करों के कुछ गुट हैं, जिसमें आपसी रंजिश का यह मामला है। उस पर किसी दूसरे समुदाय के लोगों ने हमला नहीं किया। हालांकि सीरत कमेटी के परवेज शेख का आरोप है कि नईम व्यापारी था। वह घोड़े लेकर कहीं जा रहा था। तभी अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बहरहाल पुलिस ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में इलाके के सात लोगों को तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस बीच पुलिस ने उस जगह से एक ट्रक को कब्जे में लिया है, जहां नईम की मौत हुई है।
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नईम छत्रगलां की ओर से आ रहा था। नाल्टी इलाके में पहुंचने पर उसकी हत्या हो गई। एक अन्य को गोलियों का छर्रा लगा है। फायरिंग के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सात को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। -एमके सिन्हा, आईजी, जम्मू

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छावनी में तब्दील हुई भद्रवाह घाटी

उपद्रव के बाद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने भद्रवाह में डेरा डाल दिया है। पूरी भद्रवाह घाटी छावनी में तब्दील हो गई। डोडा के डीसी डॉ. सागर दत्तात्रेय डायफोर्ड खुद भद्रवाह पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उनके साथ एसएसपी शब्बीर मलिक, सेना के 4 राष्ट्रीय राइफल के ब्रिगेडियर भी मौजूद रहे।

डीएम डा.. सागर ने कहा कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। मामला चाहे जो भी हो, हत्या करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की। दोपहर में स्थिति नियंत्रित हो चुकी थी, लेकिन तनाव बरकरार था। कर्फ्यू अभी जारी है। इस बीच पुलिस ने नईम की हत्या मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी शब्बीर ने कहा कि न तो हत्या करने वाले बख्शे जाएंगे और न ही उपद्रव करने वाले। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उपद्रव की हर तरफ निंदा
भद्रवाह में हुई पूरे घटनाक्रम की हर तरफ निंदा हो रही है। एमएलसी नरेश गुप्ता ने दुख जताते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना गंभीर मामला है। इसकी निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए। दूसरी तरफ भाजपा के जिला प्रधान वकील मंजीत राजदान ने कहा कि उनके घर पर भी पथराव किया गया है। चंद असामाजिक तत्वों का हौसला बढ़ता जा रहा है। पुलिस इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही है।

अल्पसंख्यक समुदाय पर हमला कर सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसकी गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। मंजीत का आरोप है कि ऐसे तत्वों को पुलिस का भी संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते उनके हौसले बुलंद हैं। हाल ही में किश्तवाड़ में तीन भाजपा और संघ से जुड़े नेताओं की दिनदिहाड़े हत्या की गई। फिर भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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