उपद्रव के बाद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने भद्रवाह में डेरा डाल दिया है। पूरी भद्रवाह घाटी छावनी में तब्दील हो गई। डोडा के डीसी डॉ. सागर दत्तात्रेय डायफोर्ड खुद भद्रवाह पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उनके साथ एसएसपी शब्बीर मलिक, सेना के 4 राष्ट्रीय राइफल के ब्रिगेडियर भी मौजूद रहे।
डीएम डा.. सागर ने कहा कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। मामला चाहे जो भी हो, हत्या करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की। दोपहर में स्थिति नियंत्रित हो चुकी थी, लेकिन तनाव बरकरार था। कर्फ्यू अभी जारी है। इस बीच पुलिस ने नईम की हत्या मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी शब्बीर ने कहा कि न तो हत्या करने वाले बख्शे जाएंगे और न ही उपद्रव करने वाले। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
उपद्रव की हर तरफ निंदा
भद्रवाह में हुई पूरे घटनाक्रम की हर तरफ निंदा हो रही है। एमएलसी नरेश गुप्ता ने दुख जताते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना गंभीर मामला है। इसकी निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए। दूसरी तरफ भाजपा के जिला प्रधान वकील मंजीत राजदान ने कहा कि उनके घर पर भी पथराव किया गया है। चंद असामाजिक तत्वों का हौसला बढ़ता जा रहा है। पुलिस इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही है।
अल्पसंख्यक समुदाय पर हमला कर सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसकी गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। मंजीत का आरोप है कि ऐसे तत्वों को पुलिस का भी संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते उनके हौसले बुलंद हैं। हाल ही में किश्तवाड़ में तीन भाजपा और संघ से जुड़े नेताओं की दिनदिहाड़े हत्या की गई। फिर भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।