जम्मू विश्वविद्यालय कैंपस 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे के आयोजन के मुद्दे पर गरमा गया है। छात्रों ने डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) से इस दिन को मनाने के लिए लिखित में आवेदन भेजा, जिसे उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे डिस्प्ले योर टैलेंट कार्यक्रम का हवाला देकर इस दिन का आयोजन कराने से इंकार कर दिया। छात्रों ने जहां विश्वविद्यालय पर अलगाववादियों के दबाव पर काम करने का आरोप जड़ा, वहीं डीएसडब्ल्यू परमेश्वरी ने तर्क दिया कि इस आयोजन के लिए करीब 10 दिन तैयारी की जरूरत है। कार्यक्रम को बाद में कोई तिथि निर्धारित कर बेहतर तरीके से कराया जाएगा।
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने बीती 19 सितंबर को सभी विश्वविद्यालयों को पत्र भेज 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे के रूप में मनाने को कहा था। पत्र में एनसीसी यूनिटों की स्पेशल परेड, पूर्व सैनिकों को बुलाकर छात्रों को सशस्त्र सेनाओं के सीमा पर बलिदान के बारे में जागरूक किए जाने जैसी गतिविधियां करने को कहा गया था। विश्वविद्यालयों से यह भी कहा गया था कि वह इन गतिविधियों को यूजीसी वेबसाइट के यूनिवर्सिटी एक्टिविटी मॉनिटरिंग पोर्टल पर भी अपलोड करें।
जम्मू विश्वविद्यालय के छात्रों का आरोप है कि उन्होंने जब डीएसडब्ल्यू को 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने को लेकर लिखित आवेदन किया तो उन्होंने इससे इंकार कर दिया। आरोप है कि उन्होंने छात्रों से सर्जिकल स्ट्राइक की विश्वसनीयता साबित करने और प्रूफ लाने को कहा। इससे भड़के छात्रों ने विश्वविद्यालय में चल रहे डिस्प्ले योर टैलेंट प्रतियोगिता को रुकवा दिया और प्रदर्शन करने लगे।