सूत्रों का कहना है कि आतंकी बॉर्डर पर टनल से घुसपैठ की फिराक में हैं। दरअसल, बरसात के मौसम में जमीन में काफी नमी रहती है। इससे जमीन को खोदना आसान हो जाता है। इसलिए आतंकी फिराक में हैं और बॉर्डर पर घनी झाड़ियों वाले किसी क्षेत्र में टनल खोदकर घुसपैठ कर सकते हैं।
सीमा पर लगातार ड्रोन देखे जाने के बाद सेना ने भी इससे निपटने की तैयारी कर ली है। सूत्रों का कहना है कि पुंछ और राजोरी जिले की एलओसी पर सेना की ओर से ड्रोन जैमर लगाए गए हैं। इनका ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, सेना का भी मानना है कि यह एक बड़ी चुनौती है। लेकिन इससे निपटने का हर बंदोबस्त किया जा रहा है। ताकि इन पर नजर रखी जा सके। साथ ही सेना अपने नाइट विजन तंत्र और थर्मल इमेज के माध्यम से भी नजर रख रही है।