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जम्मू-कश्मीर: स्वतंत्रता दिवस समारोह की सुरक्षा में ड्रोन से निपटना बड़ी चुनौती, घुसपैठ की फिराक में आतंकी

Mon, 19 Jul 2021 11:22 AM IST
प्रशांत कुमार अजय मीनिया, जम्मू

सार

आईजी जम्मू, मुकेश सिंह ने कहा कि ड्रोन एक बड़ी चुनौती हैं। इससे निपटने के लिए काउंटर ड्रोन रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। देखा जा रहा है कि इससे कैसे निपट सकते हैं। कुछ तकनीक मौजूद है और कुछ को विकसित किया जा रहा है।
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ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बॉर्डर और अन्य जगहों पर लगातार ड्रोन देखे जा रहे हैं। एक बार तो वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन से हमला भी हो चुका है। इसके बाद ड्रोन दिखने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। ऐसे में इस साल स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा में ड्रोन से निपटना एक बड़ी चुनौती है। वायुसेना स्टेशन पर हमले के बाद करीब 20 बार ड्रोन देखे जाने की घटनाएं हो चुकी हैं। 

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जानकारी के अनुसार अगला एक महीना बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए ड्रोन से निपटना कड़ी चुनौती होगी। सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन बड़े स्तर पर स्वतंत्रता दिवस से पहले ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार भेजना चाहते हैं, ताकि कश्मीर में मौजूद आतंकियों तक ओजी वर्करों की मदद से हथियार पहुंचाए जाएं। यही नहीं, आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए स्वतंत्रता दिवस से पहले किसी बड़े हमले को अंजाम भी दे सकते हैं। इसके लिए अगले एक महीने तक ड्रोन से हथियार फेंकने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

एसएसपी जम्मू चंदन कोहली का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए हर एक प्रयास किया जा रहा है। जहां पर जिस तरह की सुरक्षी की आवश्यकता है, वहां पर उसी हिसाब से सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है। नाकों को बढ़ाया जा रहा है। रात के समय गश्त बढ़ाई गई है। पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सुरक्षा को लेकर पर्याप्त बंदोबस्त किए हैं। 

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टनल से घुसपैठ की फिराक में आतंकी

सूत्रों का कहना है कि आतंकी बॉर्डर पर टनल से घुसपैठ की फिराक में हैं। दरअसल, बरसात के मौसम में जमीन में काफी नमी रहती है। इससे जमीन को खोदना आसान हो जाता है। इसलिए आतंकी फिराक में हैं और बॉर्डर पर घनी झाड़ियों वाले किसी क्षेत्र में टनल खोदकर घुसपैठ कर सकते हैं।  
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एलओसी पर लगे ड्रोन जैमर का ट्रायल

सीमा पर लगातार ड्रोन देखे जाने के बाद सेना ने भी इससे निपटने की तैयारी कर ली है। सूत्रों का कहना है कि पुंछ और राजोरी जिले की एलओसी पर सेना की ओर से ड्रोन जैमर लगाए गए हैं। इनका ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, सेना का भी मानना है कि यह एक बड़ी चुनौती है। लेकिन इससे निपटने का हर बंदोबस्त किया जा रहा है। ताकि इन पर नजर रखी जा सके। साथ ही सेना अपने नाइट विजन तंत्र और थर्मल इमेज के माध्यम से भी नजर रख रही है।
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