राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने कहा कि चुनाव के सभी आठ चरणों को मिलाकर जम्मू-कश्मीर में कुल 51.42 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
मतगणना केंद्र में जाने वाले सभी का होगा कोविड टेस्ट
मतगणना केंद्र में जाने वाले सभी लोगों प्रत्याशियों, एजेंट या पत्रकारों सभी का कोविड टेस्ट होगा। इसके साथ ही मतगणना तथा सुरक्षा ड्यूटी में लगे लोगों की भी जांच होगी।
दो स्थानों की गिनती जिला मुख्यालय पर नहीं
किश्तवाड़ के मड़वा व कुपवाड़ा के करनाह की मतगणना जिला मुख्यालयों पर नहीं होगी। विषम भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से इन दोनों जगह की गिनती वहीं पर होगी। इसके बाद परिणाम जिला मुख्यालय भेजा जाएगा।
25-25 मतपत्रों के बनेंगे बंडल
मतगणना शुरू होने के साथ ही सभी केंद्रों पर पहले 25-25 मतपत्रों के बंडल बनाए जाएंगे। इसके बाद मतों का मिलान किया जाएगा और फिर सभी बंडल मिलाकर मतों की गिनती शुरू की जाएगी।
मास्क पहनना होगा अनिवार्य
मतगणना में लगे सभी कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी टेबल पर सैनिटाइजर उपलब्ध रहेंगे। मतगणना हॉल में प्रवेश करने से पहले सभी कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
प्रदेश के पहले जिला विकास परिषद चुनाव के नतीजों की ताजा जानकारी घर बैठे भी ली जा सकेगी। राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट ष्द्गशद्भद्म.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर मतगणना के ताजा आंकड़ों को चरणवार अपलोड किया जाएगा। आयोग के अनुसार वेबसाइट पर लॉगइन करते ही इलेक्शन रिजल्ट डीडीसी 2020 लिखा मिलेगा। इसे क्लिक करते ही प्रदेश के किसी भी जिला, सीट और सबसे आगे चलने वाले दो प्रत्याशियों का ब्योरा मिलेगा। यह आंकड़े चरणवार होंगे।
आयोग के अनुसार मतदान केंद्र से मतगणना के आंकड़ों को उपकरण में फ्रीज करते ही यह जानकारी सीधा वेबसाइट पर आ जाएगी। इसमें तीन तरह की जानकारी मिलेगी। मतगणना का ट्रेंड, अंतिम रिजल्ट और पार्टी वार रुझान देखे जा सकेंगे। किसी सीट का रिजल्ट देखना है तो जिले के कॉलम में जाकर 14 में से संबंधित सीट पर क्लिक करना होगा।
आयोग के अनुसार मतगणना वाले दिन वेबसाइट पर ज्यादा लोग लॉगइन करेंगे। इसे देखते हुए वेबसाइट को निर्बाध सक्रिय रखने की व्यवस्थाएं की गई हैं।
मतगणना केंद्रों के बाहर सभी तरह के इंतजाम पूरे कर लिए गए। मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था का तीन स्तरीय घेरा बना दिया गया है। यहां प्रदेश पुलिस, सुरक्षा बल और सेना के जवान हर पल की निगरानी करेंगे।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के संवेदनशील केंद्रों के बाहर क्विक एक्शन टीम को भी तैनात किया गया है। क्यूएटी किसी भी घटना से निपटने के लिए कारगर साबित होगी। हालांकि, मतदान खत्म होने के बाद से ही सभी मतगणना केंद्रों के बाहर विभिन्न पार्टी एजेंटों ने पहले से ही डेरा डाला हुआ है। वहीं मतपेटियों की सुरक्षा के लिए जवान भी तैनात रहे। मतगणना केंद्रों के बाहर पार्टी एजेंटों के अलग-अलग बैठने की व्यवस्था की गई। यहां लाउड स्पीकर के माध्यम से नतीजों की घोषणा होती रहेगी। देर शाम नतीजे आने की संभावना है।
मौके पर ही रैली की अनुमति प्रदान करेगा प्रशासन
चुनाव जीतने के बाद पुलिस-प्रशासन मौके पर ही विजय रैली के लिए अनुमति प्रदान करेगा। इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को शांति व्यवस्था का पालन करना होगा। बकायदा रैली पुलिस की देखरेख मे निकाली जाएगी। गणना के दौरान माहौल खराब होने पर अलग से पुलिस टीम तैनात रहेगी जो मामले को शांत करेगी।