उपायुक्त (डीसी) अभिषेक शर्मा ने 11वीं कृषि जनगणना के दूसरे चरण के आंकड़ों की समीक्षा और उन्हें अंतिम रूप देने के लिए वीरवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई थी। उपायुक्त ने जिले में आपदा से निपटने की तैयारियों और अलग-अलग तहसीलों से मिली क्षति रिपोर्टों की भी समीक्षा की।
बैठक में उपायुक्त ने सटीक और त्रुटिरहित प्रविष्टियों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत सभी रिपोर्टों को दोबारा जांचें, ताकि आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
इसके अलाव निगरानी बढ़ाने के लिए उपायुक्त ने कृषि और राजस्व विभागों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से निरीक्षण करने के आदेश दिए। तहसीलदारों को भी निर्देश दिए गए कि वे बिना किसी देरी के अपनी-अपनी तहसीलों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। उपायुक्त ने लापरवाही के प्रति सख्त रवैया अपनाते हुए कृषि जनगणना के पहले चरण में गलत प्रविष्टियां करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उनकी सेवा पुस्तिका में आवश्यक टिप्पणियां भी दर्ज की जाएंगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल देते हुए उपायुक्त ने कहा कि किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने, नीतियां तय करने और उन्हें लागू करने के लिए सटीक कृषि आंकड़े बेहद ज़रूरी हैं