डीसी के पीएसओ से एके 47 राइफल लूट मामले में पीएसओ को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कुछ संदिग्धों के अलावा एसपीओ, उसके बेटे और एक किराएदार को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। आतंकियों का पता लगाने के लिए शनिवार को कई जगह सर्च ऑपरेशन चला। इसमें डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। हालांकि, देर शाम तक पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
डीआईजी बीएस टूटी ने किश्तवाड़ पहुंचकर अधिकारियों से मामले पर चर्चा की। जिला उपायुक्त अंग्रेज सिंह राणा (डीसी) ने बताया कि उनका अंगरक्षक (पीएसओ) दलीप कुमार निवासी सरूड़ ड््यूटी के बाद देर शाम को घर गया था। वह घर पर पहुंचा था कि दो संदिग्ध युवक आ धमके और उसके बेटे पर हथियार तान दी। इसके अलावा उसके सीने पर भी एके47 रायफल रख दी और हथियार देने की मांग की।
जब पीएसओ ने कहा कि हमने हथियार जमा कर दिया है, तो उसके बाद एक संदिग्ध ने कहा कि इसके बेटे को मार दो। इसके लिए दूसरा संदिग्ध जैसे ही आगे बढ़ा तो पीएसओ ने कहा कि रुको हथियार अलमारी में है। इसके बाद संदिग्ध बेटे से अलमारी खुलवा कर हथियार लेकर फरार हो गए। मोबाइल भी लेते गए। जिला उपायुक्त ने बताया कि उन्हें एसएसपी ने जानकारी है कि मोबाइल बरामद कर लिया गया है, लेकिन अभी हथियार और दोनों संदिग्ध युवकों के बारे में पता नहीं चल पाया है।
आशंका जताई जा रही है कि इसी प्रकार के दो हथियार परिहार बंधुओं की हत्या में प्रयोग में लाए गए थे, जो एक नवंबर 2018 को शाम के समय किश्तवाड़ में की गई थी। पुलिस उस मामले के आरोपियों को भी पकड़ नहीं पाई है।