घाटी के अधिकतर क्षेत्रों में प्रतिबंध में ढील के बाद सोमवार को स्थिति शांतिपूर्ण रही, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात रखा गया है। विभिन्न इलाकों से बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं। सोमवार होने की वजह से सड़कों पर चहल पहल बढ़ी है। राज्य प्रशासन का दावा है कि घाटी के 90 प्रतिशत इलाकों से दिन की पाबंदियां हटा ली गई हैं। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
राज्य के आधिकारिक प्रवक्ता तथा प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने बताया कि 92 थाना क्षेत्रों से दिन का प्रतिबंध पूरी तरह हटा लिया गया है। पिछले सप्ताह 81 थाना क्षेत्रों से इसे हटाया गया था। जम्मू व लद्दाख में पहले से ही किसी प्रकार की पाबंदियां नहीं हैं।
जम्मू, कश्मीर व लद्दाख को मिलाकर कुल 93 प्रतिशत क्षेत्र में किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। घाटी में 26 हजार लैंडलाइन टेलीफोन काम कर रहे हैं। 29 और एक्सचेंज काम करने लगे हैं। अब तक 95 में से 76 टेलीफोन एक्सचेंज से जुड़े नंबर काम करने लगे हैं। हालांकि, लाल चौक तथा प्रेस एन्क्लेव में अब भी सेवाएं बहाल नहीं की जा सकी हैं।
संवेदनशील इलाकों में भी एक्सचेंज काम नहीं कर रहे हैं। दिन का प्रतिबंध हटाए जाने के बाद कुछ इलाकों में सड़कों पर सार्वजनिक वाहन दिखे। डल रोड तथा सिविल लाइंस इलाके में काफी संख्या में निजी वाहन चलते दिखे। रेहड़ी वाले डल गेट इलाके में फल तथा मेवे बेचते मिले। डल किनारे जगह-जगह सब्जियों की लगी दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखी। होटल भी खुले हैं, लेकिन डल में बने गेस्ट हाउस को पर्यटकों का इंतजार है।
ज्ञात हो कि पांच अगस्त को राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद पाबंदियां लागू कर दी गई थीं। मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी ठप कर दी गई हैं। कुपवाड़ा में सभी कंपनियों के पोस्टपेड मोबाइल नंबर पर इनकमिंग की सुविधा बहाल की गई है।