एमए स्टेडियम में रैली होने के कारण दो किलो मीटर तक का इलाका छावनी में तब्दील थी, सुरक्षा कर्मियों के सड़क तथा दुकानों के बाहर डेरा जमाए रखने के कारण दिन भी दुकानें बंद रही। जगह - जगह पुलिस के बैरियर लगने होने की वजह से दिहाड़ीदारों को भी कोई कामधंधा नहीं मिल सका।
सबसे व्यस्त चौक ज्यूल, डोगरा चौक, बीसी रोड, कानवेंट स्कूल ज्यूल, कनाल रोड के रास्तों में बैरियर लगाए गए थे। इस स्थान से ही प्रवेशद्वार के लिए लोहे के एंगल में सड़क में लगे थे। कनाल रोड में साइंस एंड कामर्स कालेज के सामने, गुम्मट में मेन चौक, सिटी स्केयर के सामने, बीसी रोड केसी मोड़ पर आदि पर बैरियर से रास्ता बंद था।
बस स्टैंड से सरकारी, गैर सरकारी बसों को खाली करवा दिया गया था। दुकानें बंद रहने के कारण दिहाड़ीदारों को काम नहीं मिला। मेटाडोर और बस सेवा ठप होने के कारण लोगों की आवाजाही भी नहीं हो सकी। जिस कारण लोग कामधंधे पर भी नहीं जा सके।
रोजाना हजारों की मेटाडोर से बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने के लिए जाते है, जो कि रैली की वजह से नहीं जा सके हैं। बस स्टैंड में बस नहीं होने के कारण ढाबों वालों का काम ठप रहा। बस यातायात से जुड़े सैकड़ों कारीगार के काम की मंदी छाई लगी। रेहड़ी - फड़ी भी सड़क पर कही नहीं लगी थी।