जम्मू कश्मीर में भाजपा-पीडीपी की गंठबंधन सरकार को 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन दोनों ही दलों को लेकर अब समय-समय पर कई तरह की बातें सामने आ रही है। सरकार गठन के बाद से दोनों दलों में तकरार शुरु हो गई थी।
अंग्रेजी अखबार, 'इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक, सरकार बनाने के लिए पीडीपी से संपर्क साधने से पहले भाजपा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी।
राज्य के चुनाव परिणाम आने के ठीक एक दिन बाद यानी 24 दिसंबर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने दिल्ली में उमर अब्दुल्ला से मुलाकात कर गठबंधन की संभावना पर चर्चा की थी। 87 सदस्यों वाली विधानसभा में नेकां को 15 सीटों पर विजय मिली थी, जबकि भाजपा ने 25 पर अपना कब्जा जमाया था
उमर अब्दुल्ला को केंद्र में कैबिनेट मंत्री का ऑफर
'इंडियन एक्सप्रेस' ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि भाजपा की ओर से उमर अब्दुल्ला को केंद्र में कैबिनेट मंत्री और राज्य की नई सरकार में उनकी पार्टी के किसी नेता को उप-मुख्यमंत्री का पद दिए जाने का ऑफर दिया गया था।
इस गुप्त मीटिंग के बारे में बताते हुए 'इंडियन एक्सप्रेस' ने उस तस्वीर की ओर भी इशारा किया गया है, जिसे उमर अब्दुल्ला ने 24 दिसंबर को ही ट्विटर पर पोस्ट किया था। इस तस्वीर में लिखा था, 'शांत रहिए, क्योंकि मैं वापसी करूंगा।' इस गुप्त मीटिंग का हालांकि भाजपा की ओर से खंडन कर दिया गया था।
अमित शाह और राम माधव से मुलाकात की थी। भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सूत्रों ने इस मुलाकात के बारे में पुष्टि भी की है। लेकिन यह सामने नहीं आ पाया कि इस मुलाकात में किस मुद्दे पर बात हुई थी। भाजपा के एक सीनियर लीडर ने कहा था कि हम नेकां के साथ गठबंधन की कोशिश की थी लेकिन उमर ने बातचीत को लीक कर दिया इसलिए इस पर काम नहीं हो सका।
नेकां के एक नेता ने कहा था कि भाजपा का ऑफर दो पूर्वानुमानों पर आधारित थे। उन्होने कहा, 'वे पीडीपी की राजनीति को लेकर सहज नहीं थे। एनसी को कम सीटें आई थीं तो भाजपा को लगा कि वह अपनी मर्जी चला लेगा। लेकिन उमर को यह मंजूर नहीं था।
भाजपा के लोग दो बार लंदन गए फारुख से मिलने
नेकां सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने फारूख अब्दुल्ला से मुलाकात के लिए अपने लोगों को दो बार लंदन भेजकर उमर को बाइपास करने की भी कोशिश की थी।
भाजपा का मानना था कि जम्मू कश्मीर में गठबंधन के लिए फारूख अब्दुल्ला ठीक थे, लेकिन उमर इस मामले में अपरिपक्व हैं। भाजपा के एक नेता ने कहा, 'उमर को लगा कि जब भाजपा की पीडीपी से बात नहीं बनेगी तो उसके पास कोई विकल्प नहीं होगा और वह उमर को दोबारा मुख्यमंत्री पद ऑफर करेगी।'
आपको बताते चलें कि इस बैठक के दूसरे दिन यानी 25 दिसंबर को राम माधव ने इससे जुड़ी खबरों का खंडन करने की कोशिश की। उन्होंने तब ट्विटर पर लिखा, 'दिल्ली में एनसी नेताओं से भाजपा नेताओं की मुलाकात की खबर आधारहीन है।' इसे उमर ने भी तुरत रिट्वीट कर दिया था।