डीएवी कॉलेज में दो छात्र गुटों में हुए खूनी संघर्ष के चलते बीए द्वितीय वर्ष के एक छात्र की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी। कॉलेज परिसर में हुए इस हत्याकांड का पता चलते ही सनसनी फैल गई।
कॉलेज प्रशासन ने इस घटना की तत्काल सूचना पुलिस को दी। हत्या का जानकारी मिलते ही डीएसपी गोरखपाल राणा, थाना अध्यक्ष उमेद सिंह, चौकी इंचार्ज फूल सिंह दल बल सहित कॉलेज में पहुंचे और वारदात स्थल का मुआयना किया। इस वारदात के बाद पूरा दिन कॉलेज में अफरातफरी का आलम रहा।
शुक्रवार को लगभग साढ़े 12 बजे डीएवी कॉलेज में पढ़ने वाले दो छात्र गुट भिड़ गए। झगड़े के दौरान दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई। इसी बीच एक गुट के छात्रों ने कैथल के भागल कस्बे के 21 वर्षीय गौरव पुत्र भरत सिंह की छाती पर चाकू से कई वार कर दिए।
हमले में डीएवी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र गौरव लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। वारदात के बाद साथी गुट के छात्रों ने खून से लथपथ गौरव को संभाला और बाइक पर उसे अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छात्र गौरव की हत्या का समाचार फैलते ही भारी संख्या में कॉलेज के छात्र अस्पताल में एकत्रित हो गये। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. कामदेव झा ने बताया कि कॉलेज में कई दिनों से सारसा व भागल के छात्रों में खींचतान चल रही थी।
इस बाबत उन्होंने पुलिस को पिछले हफ्ते सूचित किया था। वहीं दोनों गांवों के सरपंचों को भी इन लड़कों के बीच के विवाद को सुलझाने के लिए कहा था। शुक्रवार को जब वह कार्यालय में बैठे थे तो उन्हें कैंपस में छात्रों की लड़ाई की सूचना मिली।
जब वे वहां पहुंचे तो गौरव घायल अवस्था में लहूलुहान पड़ा था। उस पर तेज हथियार से हमला किया गया था। हमले में कौन-कौन छात्र शामिल थे इसकी जांच चल रही है।
गौरव की मौत ने सभी को हिलाकर रख दिया है। बहरहाल गशव पोस्टमार्टम के लिए कुरुक्षेत्र भेजा गया है। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के गांव से कई लोग पहुंचे थे।
सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है : डीएसपी
मौके पर मौजूद डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि मृतक गौरव के छाती पर हमलावारों ने चाकू के कई बार किये। जिस कारण उसकी मौत हो गई।
हमलावरों की कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज देखकर जांच की जा रही है। हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। झगड़े में कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे, जिस बारे गहराई से जांच हो रही है।
हफ्ते बाद कॉलेज गया था गौरव : पिता
मृतक गौरव के पिता भरत सिंह ने रोते हुए बताया कि उसका छोटा लड़का गौरव और बड़ा लड़का सन्नी डीएवी कॉलेज पिहोवा में पढ़ते हैं।
गौरव तो लगभग 6-7 दिन के बाद शुक्रवार को कॉलेज आया था। क्योंकि उसे घर पर ही खेलते हुए कुछ चोट लग गई थी। अगर उन्हें पता होता कि उसकी जान को खतरा है तो वे उसे कभी अपने जिगर के टुकड़े को कॉलेज ना भेजते। गौरव की मौत से उनके सारे सपने टूट गए हैं।
उसके भाई ने बताया कि गौरव बहुत ही मिलनसार था और उसका किसी के साथ कोई विवाद नहीं था। गौरव को सोची समझी साजिश के तहत मारा गया है। परिजनों ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर सख्त सजा दी जाये।
दीवार फांद कर आए थे युवक : सुरक्षाकर्मी
कॉलेज के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी जगतार सिंह ने बताया कि वे रोजाना कॉलेज में आने वाले छात्र का पहचान पत्र देखते हैं।
उसके बाद ही उसे अंदर जाने देते हैं। शुक्रवार को कुछ लोग कॉलेज की दीवार फांदकर आये थे। जब झगड़ा हुआ तो 5-6 युवक मुख्य गेट से कॉलेज से बाहर की और दौड़े और पहले से बाहर खड़ी एक सफेद रंग की कार में फरार हो गये।
कॉलेज में घेर कर किया हमला
अमनदीप भागल ने बताया कि प्रिंसिपल ऑफिस के निकट बरामदे में गौरव को अनिल, चंद्र कडी सारसा, पोनी सारसा, पौनी के छोटे भाई सहित अन्य युवकों ने घेर लिया था।
सभी युवक हथियारों से लैस थे। आरोपी अनिल ने चाकू से कई वार किए। इसके बाद सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। इन हमलावरों में कई छात्र और कुछ आउट साइडर बताए गए हैं।
आखों से देखा मर्डर : अमनदीप भागल, बीए तृतीय वर्ष का छात्र, प्रेम व मृतक का भाई सन्नी बीए प्रथम वर्ष छात्र ने अपनी आखों से मर्डर होते हुए देखा। अमनदीप के मुताबिक गौरव एनसीसी की क्लास लगाने के लिए जा रहा था और इसी दौरान हमलावरों ने उसे घेर कर मौत की नींद सुला दिया।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मांगे 48 घंटे
छात्र हत्याकांड से अक्रोशित परिजनों व अन्य लोगों ने अंबाला-हिसार नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस बीच में ही रोककर यातायात बाधित करते हुए दोनों तरफ से सड़क बंद कर दी।
वहीं सूचना मिलते ही डीएसपी गोरखपाल राणा भी मौके पर पहुंचे और मुश्किल से लोगों को शांत कर जाम खुलवाया। दूसरी ओर मामले में पुलिस ने नौ युवकों के खिलाफ हत्या का दर्ज कर लिया है।
पुलिस पर ढुलमुल रवैये का आरोप लगाते हुए परिजनों व लोगों ने अंबाला-हिसार नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। अक्रोशित परिजन व अन्य जब मार्ग पर पहुंचे तो उन्होंने एंबुलेंस बीच में ही रोक दी और शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन करते हुए यातायात बाधित कर दिया। जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
आरोप था कि घटना के बाद पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। जाम की सूचना पाकर डीएसपी गोरखपाल राणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
डीएसपी ने 48 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों से 48 घंटे का समय मांगा है। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और लगभग आधे घंटे बाद जाम खोला।
डीएसपी ने बताया कि मृतक के भाई सन्नी की शिकायत पर नौ युवक अनिल पोंट, सन्नी पंडित, पौनी, चंद्रमणि छोटा, प्रदीप, वकील, चीता, वासु, अंकित सभी निवासी सारसा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सन्नी ने शिकायत में कहा कि वह और उसका भाई मृतक गौरव कॉलेज में पढ़ते हैं। दोपहर लगभग 12 बजे कॉलेज की दीवार फांदकर कुछ युवक कॉलेज में आए और उसके भाई गौरव पर हमला कर दिया।
शोर सुनकर जब वह और उसके दोस्त गौरव को बचाने के लिए दौडे़ तो हमलावरों ने उन्हें मारने की धमकी देकर रोक दिया और वहां से भाग निकले। इसी बीच उसका भाई गौरव जिसकी छाती में चाकू घाेंपा गया था वह बुरी तरह जख्मी होकर नीचे गिरा हुआ था। बाद में उसकी मौत हो गई।