- एसडीआरएफ रिपोर्ट तैयार कर सुझाएगा सुरक्षा उपाय
- हरकी पैड़ी से नगरोटा तक नदी में डूबने से हो रहे हादसे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। तवी नदी में बढ़ते हादसों को रोकने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) विशेष पहल शुरू करेगा। जम्मू जिले में लगती नदी के किनारे स्थित खतरनाक व अधिक गहराई वाले घाटों की पहचान की जाएगी। एसडीआएफ ऐसे सभी संवेदनशील स्थलों का विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसे जिला प्रशासन को सौंपकर सुरक्षा उपाय सुझाए जाएंगे, ताकि वहां बैरिकेडिंग सहित अन्य कदम उठाए जा सकें।
बाग-ए-बाहु स्थित हरकी पैड़ी के पास तवी नदी में हर साल हादसे होते हैं। गर्मी में नदी में पानी कम होता है, लेकिन जहां ज्यादा गहराई होती है, वहां पानी जमा हो जाता है। ऐसे स्थानों पर लोग विशेषकर युवा नहाने जाते हैं। पानी की गहराई का अंदाजा न होने से हादसे होते हैं। हरकी पैड़ी में हर साल एक से दो बच्चों की मौत पानी में डूबने से हो रही है। भविष्य में यहां इस तरह दुख:द हादसा न हो, इसके लिए एसडीआरएफ हरकी पैड़ी सहित अन्य स्थानों का सर्वे करेगी। एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरकी पैड़ी में अब तक की जांच में पता चला है कि यहां गहराई में कटी हुई चट्टानें हैं, जैसे कोई पानी में डुबकी लगाकर अंदर जाता है और फिर ऊपर आने की कोशिश करता है तो चट्टान से टकरा जाता है। हमारी टीम हरकी पैड़ी सहित अन्य ऐसे स्थानों का दौरा कर करेगी। रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपेगी, ताकि ऐसे स्थानों पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
हरकी पैड़ी के पास आए दिन हादसे हो रहे हैं। कारण का पता लगाया जाएगा। हमारा काम घटना होने के बाद बचाव का होता है। हम स्कूल और कॉलेजों में जाकर बच्चों को जागरूक करते हैं। नदियों के किनारे नहीं जाना चाहिए, यह खतरनाक हो सकता है। गर्मी के मौसम में अभिभावकों को देखना होगा कि उनके बच्चे कहां जा रहे हैं।
- मोहम्मद असलम, कमांडेंट, एसडीआरएफ सेकंड बटालियन