इसी क्षेत्र में तैनात 12 मद्रास रेजिमेंट की पेट्रोलिंग टीम ने बीते रविवार को हिम दरार में फंसा एक शव देखा और उसे निकाला। शिनाख्त में इस बात की पुष्टि की गई कि शव हवलदार पाटिल का है।
हवलदार के शव की शिनाख्त उनकी जेब से बरामद पारिवारिक पत्र और मेडिकल सर्टिफिकेट से संभव हो गई। उल्लेखनीय है कि 1987 में सियाचिन में ही ग्लेशियर के दक्षिणी क्षेत्र में हवलदार पाटिल का छोटा भाई जाककि सेना की मराठा लाइट इनफैंट्री में तैनात था भी हिम दरार में गिरकर लापता होगया था।
बताते चलें इससे पहले भी हिमायलन क्षेत्र में ही सियाचिन क्षेत्र में एक जवान का शव कई सालों बाद बरामद हुआ था।