शुक्रवार रात को गैस सिलिंडर धमाके में बिशन दास का पूरा परिवार खत्म हो गया। परिवार के चार सदस्यों का अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया। शनिवार को मरने वालों का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। बिशन दास को अभी भी यकीन नहीं हो पा रहा है, जिनके लिए वह दिन रात मेहनत कर रहा था, उनमें से एक भी सदस्य अब उसके साथ नहीं है।
बिशन दास अपने बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए तंगर इलाके में अपने घर को छोड़ कर रामबन में किराए के मकान में रह रहा था। वह शादी व अन्य समारोह में ढोल बजाने का काम करता था। शुक्रवार को भी किसी समारोह में ढोल बजाने के लिए निकला था।
उस समय घर में पत्नी व पांच बच्चों के साथ भांजा प्रीतम सिंह मौजूद था। उसको नहीं पता था कि एक पल में उसका पूरा परिवार खत्म हो जाएगा। तंगर इलाके में तीन वर्ष की प्रियंका को दफना दिया गया। संतोष देवी, आशु देवी और दर्शना देवी का अंतिम संस्कार किया गया। रविवार को जग्गू चंद को भी दफनाया गया।