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Jammu News: साइबर ठगों का मकड़जाल, फर्जी नोटिस से ऐंठ रहे माल

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- वेबसाइट ओपन करने पर पॉप-अप से कंप्यूटर पर भेजे जाते हैं फर्जी लिंक
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- गूगल पर मौजूद हैं ढेरों फर्जी वेबसाइट, सही बेवसाइट पर करें सर्च
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
डिजिटल वर्ल्ड में साइबर अपराधी रोज नए पैतरों से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। यहां तक कि पुलिस के नाम का फर्जी नोटिस तक जारी किया जा रहा है। मौजूदा समय में कई वेबसाइट को ओपन करने पर भी साइबर ठगी हो रही है। वेबसाइट खुलने पर पॉप-अप से कंप्यूटर पर कई लिंक आते हैं। इनको ओपन करने पर साइबर ठगी हो जाती है। गूगल पर सर्च करते समय विभागों की सही बेवसाइट पर ही सर्च करें। साइबर पुलिस के पास इस तरह की ठगी के कई मामले सामने आए हैं।
लोगों को पुलिस का फर्जी नोटिस तक कंप्यूटर पर आ रहा है। इसमें पोर्नोग्राफी और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट देखने के आरोप में कंप्यूटर लॉक होने का मैसेज आता है। यह नोटिस कंप्यूटर, लैपटॉप पर इंटरनेट सर्फिंग के दौरान आता है। अचानक सीबीआई, अन्य राज्यों की पुलिस और स्थानीय पुलिस के नाम से नोटिस पॉप-अप से कंप्यूटर, लैपटॉप पर सामने आते हैं। इसमें लिखा होता है कि आपके कंप्यूटर की विंडो, सभी फाइलें लॉक कर दी गई हैं। आपका नाम और पता की पहचान कर ली गई है। धमकी दी जाती है कि यदि समय पर सीमा के अंदर पैसा नहीं दिया तो घर पर पुलिस पहुंच जाएगी।
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कुछ ऐसे आता है पुलिस का फर्जी नोटिस
फर्जी नोटिस पर पुलिस का लोगो होता है। इसमें लिखा होता है कि आप भारत के कानून से प्रतिबंधित सामग्री वाली पोर्नोग्राफी (पीडोफिलिया, हिंसा और समलैंगिकता के प्रचार के तत्वों के साथ पोर्नोग्राफी) साइटों पर बार-बार आने के लिए ब्लॉक किए गए हैं। आपको लीगल नोटिस नंबर एक्सएक्सएक्सएक्स के अनुसार 3000 रुपये की राशि का जुर्माना भरना होगा। आप किसी भी सुविधाजनक तरीके से जुर्माना चुका सकते हैं। इसके बाद नीचे स्कैन कोड के साथ ऑन लाइन पेमेंट के एप आधारित और बैंक के सभी ऑप्शन दिए होते हैं।

घर से गिरफ्तारी का दिखाते हैं डर
ऐसे फर्जी नोटिस में वॉर्निंग मैसेज लिखा होता है। जिसे पढ़कर कईयों के पसीने छूट जाएं। उसमें लिखा होता है कि जुर्माना नहीं चुकाने पर आपके कंप्यूटर से सभी फाइलें हमेशा के लिए ब्लॉक कर दी जाएंगी। पुलिस आपको गिरफ्तार करने के लिए तुरंत आपके निवास स्थान के पते पर पहुंचेगी। आपके खिलाफ आपराधिक मुकद्दमा चलाया जाएगा। जुर्माना चुकाने की अधिसूचना समय सीमा कुछ ही घंटे होती है। हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होता।


फर्जी नोटिस से रहें सतर्क, ऑनलाइन पेमेंट न करें
साइबर अपराधियों के इस नए हथकंडे से पुलिस की साइबर सेल लोगों को जागरूक कर चुकी है। पुलिस की तरफ से ऐसा कोई नोटिस किसी को भी नहीं भेजा जाता है। यह लीगल नोटिस फेक होते हैं। फेक नोटिस से डरें नहीं, न ही ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करें। मुमकिन हो तो अपने कंप्यूटर, लैपटॉप को एंटीवायरस से क्लीन करें। ऐसे मामले संज्ञान में आते ही नजदीकी पुलिस स्टेशन या नेशनल साइबर पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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अनुभूति, डीएसपी साइबर सेल


मैं सीबीआई से बोल रही हूं, 27 हजार जल्दी भेजो
जम्मू। साइबर ठगों ने अर्धसैनिक के एक कर्मी को सेक्सटार्शन के जरिए फंसाकर ठगने का प्रयास किया है। कर्मी ने बताया कि वह सेक्सटार्शन का शिकार हो गए हैं। अब उन्हें एक लड़की बार-बार फोन कर बोल रही है कि वह सीबीआई से है। 27 हजार रुपये नीचे दिए गए बैंक अकाउंट में जमा कराएं। नहीं तो उनका वीडियो उनके दोस्तों, रिश्तेदारों और सोशल मीडिया पर डाला जाएगा। कर्मी की साइबर अधिकारियों से बात कराई गई। उन्हें बताया गया कि ऐसे नंबरों को ब्लाॅक कर दें। कोई पैसा जमा न कराएं।

यदि आप भी साइबर ठगी से पीड़ित हैं और इसमें लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आना चाहते हैं तो 9419193092 पर संपर्क करें।
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