गांदरबल जिले के तुलमुला इलाके के एक दफ्तर में युवक और युवती के रंगरलियां मनाते हुए पकड़े जाने के बाद मामला तूल पकड़ता दिख रहा है।
इस घटना में पुलिस द्वारा लड़के की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने जमकर विरोध किया और आरोप लगाया कि पुलिस लड़के को बचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत भी हुई, जिसमें आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसक घटना के बाद इलाके में काफी तनाव पैदा हो गया, जिसे देख प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया।
घटना तुलमुला इलाके में स्थित एक दफ्तर की है, जहां शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने एक युवती व एक युवक को छुट्टी के बावजूद दफ्तर में रंगरलियां मनाते देखा।
कुछ लोग दफ्तर में घुस गए और युवक की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। इस बीच कुछ लोगों की सहायता से लड़की वहां से भागने में सफल हो गई।
गुस्साए लोगों ने युवक के मोटरसाइकिल को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने समय पर पहुंच कर जहूर अहमद शेख नामी इस युवा को लोगों के चंगुल से बचा लिया। गुस्साए लोगों ने दफ्तर को भी आग के हवाले करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें तितर-बितर कर दिया।
लोगों की शिकायत पर पुलिस ने युवक के खिलाफ एफआईआर नंबर 36/2014 दर्ज कर ली, लेकिन शब-ए-कदर की मजलिस के दौरान मोहशारपुरा मस्जिद तुलमुला के इमाम ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काया, जिसके बाद इलाके में लोगों ने जबरदस्त पत्थरबाजी की।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच देर रात तक भिड़ंत जारी रही, जिसमें 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए। गांदरबल जिले के एसएसपी शाहिद मेहराज के अनुसार, इलाके में तनाव बढ़ता देख तुलमुला में शनिवार सुबह कर्फ्यू लगा दिया गया।
उनके अनुसार पुलिस ने इस घटना के सम्बन्ध में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया है। मेहराज के अनुसार स्थिति सामान्य होने पर कर्फ्यू को हटा दिया जाएगा।