उपजिले में मंगलवार को मकर संक्रांति पर मंदिरों में पहुंचे भक्तजनों ने पूजा अर्चना करने के साथ खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। हिंदू धर्म केे लोग मकर संक्रांति पर घरों में पूजा करने के साथ सुबह खिचड़ी दान करने के साथ प्रसाद के रूप में लोगों में वितरित करते हैं।
कस्बे के गीता भवन मंदिर स्वामी प्रकाशानंद की अध्यक्षता में 44 वां हरिनाम संकीर्तन महायज्ञ आरंभ किया गया, जिसमें पहुंचे भक्तजनों को मकर संक्रांति पर्व के बारे में कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि इस सूर्य दक्षिणायन आरंभ होता है। समाप्ति के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। मकर संक्रांति प्राया माघ मास में आती है। शास्त्रों के अनुसार सूर्य की पहली किरण आसूरी संपत्ति मूलक भौतिक उन्नति की परिचायक होने पर सातवीं किरण अध्यात्मिक उन्नति की प्ररेणा देती है। उन्होंने कहा कि गीता भवन आश्रम में आरंभ मकर संक्रांति से 13 फरवरी तक सुबह व शाम पूजा की जाएगी। 14 फरवरी को शोभायात्रा निकाली जाएगी और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
वहीं मीरां साहिब के गांव कृष्णा नगर, इंदिरा नगर के दुर्गा माता मंदिर में पहुंचे भक्तजनों ने पूजा अर्चना की। कुल्लियां के शिव मंदिर स्वामी हरिशानंद की देखरेख में पूजा के उपरांत पहुंचे भक्तजनों को देही व खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। स्वामी हरिशानंद ने बताया कि राष्ट्र की स्मृद्धि व शांति के लिए माघ माह के दौरान क्षेत्र में सुबह प्रभातफेरी निकाली जाएगी। इस दौरान पूर्व विधायक प्रो. गारू राम भगत सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
--------------
परिवार की सुख शांति की प्रार्थना की
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में मकर संक्रांति पर्व मंगलवार को बड़ी धूमधाम और आस्था के साथ मनाया गया। लोगों ने पूजा अर्चना करके भगवान से परिवार की सुख शांति की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने चिनाब दरिया में डुबकी लगा कर दुर्गा मंदिर में भंडारा लगाया। महंत रामानंद दास ने बताया कि मकर संक्रांति पर बड़ी संख्या में जम्मू क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और पूजा अर्चना की। इसके बाद प्रसाद चखा। वहीं पूली वाले मंदिर, कामेश्वर मंदिर मे भी पर्व मनाया गया। संवाद
-----------
मकर संक्रांति पर धार्मिक स्थलों पर उमड़ी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। मकर संक्रांति पर धार्मिक स्थलों पर मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सरोवरों में स्नान कर मंदिरों में पूजा अर्चना की। सुबह घना कोहरा और धुंध से ठंड में भी काफी बढ़ोतरी रही। इसके बावजूद भी श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थलों में पहुंच कर सरोवर में स्नान किया।
जिले के घगवाल के नृसिंह धाम मे सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। लोगों ने नृसिंह भगवान के सामने शीश झुका कर मन्नतें मांगी। उधर मदून के धार्मिक स्थल तरेली में भी श्रद्धालुओं ने चश्में एवं बबर नदी में स्नान कर गंगा माई और शिव मंदिर में पूजा अर्चना की। दोपहर तक श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। विकास कमेटी के यश पाल महाजन ने बताया कि अमावस्या और संक्रांति पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ बनी रहती है। उनके अनुसार कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने भी कुछ समय यहां गुजारा था। इसे छोटे काशी के समान जाना जाता है।
------------
लोहड़ी मिलन में कलाकारों ने बांधा समा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। सिविल सोसाइटी की तरफ से नगरपालिका के सहयोग से हरि सिंह चौक स्थित ऐतिहासिक किले में लोहड़ी पर्व एवं मकर संक्रांति पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई, जिसमें आसपास स्वच्छता रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत कर समा बांधा।
मुख्य अतिथि एसएसपी शक्ति पाठक ने पर्व के बारे में बताया कि हमारी संस्कृति के तहत इसका बहुत महत्व है। इस अवसर पर प्रमुख कवि बिशन सिंह दर्दी ने डोगरी भाषा में रचनाएं सुनाईं। उन्होंने वहां पर मौजूद लोगों को लोटपोट कर दिया। प्रमुख गायक छज्जू सिंह काटल, प्रेम चौधरी ने गीतों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में आए लोगों को मूंगफली, रेवड़ी, चिड़वा आदि वितरित किया गया। नगरपालिका के चेयरमैन पवन कोहली, उप प्रधान कुमेर सिंह, ईओ अजय सांगड़ा, पार्षद राज सिंह, नरेंद्र सिंह, इंदु जमवाल, सीमा अंबा, आरती अंताल, सिविल सोसाइटी के प्रधान शिवचरण सिंह, महासचिव सुरजीत सिंह, आयोजक डॉ. जगदीप सिंह, सलाहकार रंजीत सिंह, कल्चर सचिव सीएस काटल, अमर दीप सिंह, सीता राम सपोलिया सहित काफी संख्या में काफी लोग उपस्थित रहे। सनद रहे कि सिविल सोसाइटी काफी समय से लोहड़ी पर कार्यक्रम आयोजन कर रही है।
----------------
सत्संग और भंडारे का हुआ आयोजन
विजयपुर। मकर संक्रांति पर तहसील के विभिन्न कुल देवी, देवताओं, आश्रमों, प्राचीन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। लोगों ने सुबह सरोवर में स्नान कर मंदिरों में पूजा अर्चना की गई। धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं ने स्नान कर मंदिरों में पूजा अर्चना की। इस दौरान लोगों द्वारा सत्संग और भंडारों का आयोजन किया गया। इस मौके पर लोगों ने देवताओं के दरबार में जाकर खिचड़ी का भोग लगाया ओर देश में सुख शांति की कामनाएं की। द्वारिकापुरी आश्रम बाड़ियां में कुलदीप शास्त्री द्वारा सत्संग और भंडार किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने लंगर ग्रहण किया। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि मकर संक्रांति पर पूजा अर्चना करने से ओर गरीबों को दानपुण्य करने से घर परिवार में सुख शांति बनी रहती है। संवाद