जम्मू। जे एंड के फ्रीडम फाइटर एसोसिएशन (जेकेएफएफए) ने मंगलवार को उन स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद गंडोत्रा की तरफ से डोगरा शौर्य स्मारक, अंबफला स्थित कार्यालय में अशफाक उल्ला खान के जन्मदिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर आरपी शर्मा उपस्थित रहे।
जेकेएफएफए के सदस्यों ने अशफाक उल्ला खान के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया गया कि उन्होंने वह बहुत ही कम उम्र में देश की सेवा से जुड़ गए। उनका जन्म 1900 में हुआ था और 1927 में अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दे दी थी। वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़े थे और स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी से भी जुड़े थे। मुख्य अतिथि ने बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत करने और पाठ्य पुस्तकों में शहीदों के जीवन इतिहास को शामिल करने की बात कही। उन्होंने एसोसिएशन के काम की सराहना की।
इस अवसर पर वाइस चेयरमैन राजीव महाजन, अध्यक्ष आरसी पुरी, महासिचव ठाकुर करनैल चंद, उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह, बृज मेहरा, कमल शर्मा, सचिव जेजे सिंह, प्रो. एसएस भलवाल, रामबन के पूर्व विधायक भारत गांधी, एसआर राठौर, डॉ. योग राज पाधा, सतपाल आदि मौजूद रहे।
अशफाक उल्ला खान को याद किया
जम्मू। प्रदेश भाजपा की ओर से मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अशफाक उल्ला खान को जयंती पर याद किया गया। पार्टी के सांस्कृतिक सेल की ओर से कराए गए कार्यक्रम में उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला गया। त्रिकुटा नगर स्थित पार्टी मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने अशफाक उल्ला के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
पार्टी महासचिव युद्धवीर सेठी ने कहा कि खान ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर क्रांतिकारी आंदोलन को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाई। राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन किया गया। विख्यात काकोरी कांड ने ब्रिटिश हुकूमत को हिलाकर रख दिया था। खान ने अंग्रेजों के हिंदू और मुस्लिम के नाम पर लड़ाने की साजिश को नाकाम किया। इस दौरान वीनू खन्ना, बलवीर राम रतन, स. वीरेंद्रजीत सिंह, चरणजीत सिंह, बलदेव सिंह, तिलक राज गुप्ता, डा. प्रदीप महोत्रा आदि मौजूद रहे।