जम्मू। नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के साथ शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र संपन्न हुए। सोमवार को मां के भक्तों ने कन्या पूजन के साथ, साख को नदी में प्रवाहित कर उपवास तोड़ा। नवमी पर शहर के मंदिराें में दिन भर भक्तों की भीड़ रही। मां के दर्शन के लिए लंबी - लंबी कतारें लगी। मंदिर में दिन भर मेले का जैसा माहौल रहा। सूर्य पुत्री तवी में सुबह से ही साख प्रवाहित करने के लिए भक्त पहुंचे।
नवमी पर सुबह से ही मां के भक्ताें ने नौ कन्याआें को देवी का रूप मानकर पूजन किया। इस दौरान आदर-सत्कार के साथ कन्याओं की आरती उतारी और उन्हें भोजन कराया। इसके बाद साख को नदी में प्रवाहित कर मां से सुख समृद्धि की कामना की। साख प्रवाहित करने के लिए सूर्य पुत्री तवी नदी में मेले जैसा माहौल रहा है। सुबह से ही लोग सपरिवार साख प्रवाहित करने पहुंचे। हाथों में कलश लिए लोगों ने नदी में साख प्रवाहित कर मां दुर्गा से आशीर्वाद लिया। नवमी के दिन साख प्रवाहित एवं कन्या पूजन का शुभ समय दोपहर 12:38 से पहले तक का था। इसलिए सुबह आठ बजे से तवी किनारे भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। नवमी पर घरों में हलवा-पूरी, खीर सहित विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं। इनका पहला भोग मां दुर्गा के प्रतीक नौ कन्याओं को कराया जाता है।
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तवी नदी किनारे मेले जैसे माहौल
नवमी पर नदी में साख प्रवाहित की जाती है। शहर के बीचों बीच बह रही सूर्य पुत्री तवी के किनारे हजारों लोगों ने साख प्रवाहित की। तवी नदी के किनारे मेले का जैसा माहौल रहा। हाथों में कलश लिए मां के भक्त साख को पूजा- अर्चना के साथ प्रवाहित करते दिखे।
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पॉलीथिन तवी में नहीं डालने के प्रति किया जागरूक
नवमी पर साख प्रवाहित करने पहुंचे लोगों को सेवा तवी की टीम ने नदी में पॉलीथिन नहीं डालने के प्रति जागरू किया। सेव तवी की टीम ने नदी किनारे डस्टबिन भी लगाए। इसमें सूखा और गीला कचरे के साथ पॉलीथिन व मां की चुनरी को रखा गया। टीम ने लोगों से पॉलीथिन के बैग इकट्ठा कर सेवा तवी में सहयोग करने को कहा।
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बावे वाली में उमड़ी भीड़
नवमी पर बावे वाली माता मंदिर में भक्तों का हुजूम उमड़ा। मंदिर में सोमवार की सुबह चार बजे से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। नौ बजे के बाद मां के दर्शन के लिए मंदिर में लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कतार में खड़े मां के भक्तों में उत्साह व उमंग की लहर दिखी। इस दौरान कई लोगों ने मां के दर्शन के बाद उपवास खोला। वहीं रणवीरेश्वर मंदिर और लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।