रामललीला .. दीवान मंदीर
जम्मू। सनातन धर्म नाटक समाज दीवान मंदिर में रामलीला का समापन हुआ। सोमवार को रामलीला में प्रमुख दृश्यों का मंचन किया गया। इनमें श्रवण कुमार, दरबार दशरथ, वेदवती- रावण के दृश्यों का मंचन किया गया। दीवान मंदिर में प्रथम नवरात्र से रामलीला के मंचन का सिलसिला शुरू हुआ था।
दीवान मंदिर में आयोजित रामलीला के पहले दृश्य में श्रवण कुमार व उनके दृष्टिहीन माता के बीच के संवाद को दिखाया गया। श्रवण कुमार अपने वृद्ध माता-पिता को कंधाें पर उठा कर यात्रा पर ले जाता है। इस दौरान उन्हें प्यास लगती है। श्रवण कुमार माता-पिता को एक स्थान पर बिछाकर पानी की तलाश में चला जाता है। दूसरी तरफ राजा दशरथ शिकार करने आते हैं। वे नदी किनारे हलचल देख कोई जानवर समझ कर तीर चला देते हैं जो श्रवण कुमार को लग जाता है। इसके बाद दशरथ दरबार, देवताओं और वेदवती रावण के साथ ताड़का वध के दृश्य मंचित हुए। इसके बाद राजा दशरथ के दरबार का मंचन किया गया। दरबार में राजा महाराजा सीता स्वयंवर के लिए आते हैं। अंत में अंगद दरबार के दृश्य का मंचन किया गया।