फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम ने तोड़ा धनुष, सीता से हुआ विवाह

विज्ञापन
विज्ञापन
रामगढ़। सीमावर्ती गांव केसों मनहासा सबांख में चल रही रामलीला में भगवान श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। भगवान श्रीराम के धनुष तोड़ते ही उन पर फूलों की वर्षा हुई और सीता के साथ उनका विवाह हुआ। रविवार को रामलीला मैदान में चल रही रात की रामलीला में भगवान श्रीराम विवाह का मंचन हुआ।
विज्ञापन

राजा जनक ने सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया। इसमें कई देशों के राजा पहुंचे। कई राजाओं ने धनुष तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन नहीं तोड़ पाए। उसके बाद भगवान राम ने उठकर धनुष तोड़ दिया और सीता के साथ उनका विवाह हुआ। इस मंचन को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। काफी संख्या में रामलीला देखने के लिए दर्शक रामलीला मैदान में पहुंचे। आसपास के गांव के लोग भी रामलीला देखने के लिए पहुंचते हैं। संवाद
वन गमन का दृश्य देख दर्शक भी हुए भावुक
थलोरा मंडी में 1962 से होता आ रहा रामलीला का मंचन
सांबा। मंडी थलोरा में चल रही रामलीला में शनिवार को भगवान राम के वनवास जाने का दृश्य का मंचन किया गया। कलाकारों के अभिनय और वन गमन का दृश्य देख उपस्थित दर्शकों की आंखें भर आईं। मंच पर दिखाया गया कि श्रीराम विवाह के बाद महल में पहुंचते हैं। उधर पिता राजा दशरथ की आज्ञा का पालन कर महलों की खूबसूरती छोड़ कर जंगल में चले जाते हैं। इस भावपूर्ण दृश्य को देख कर दर्शक भी भावुक हो गए।
विज्ञापन

रामलीला का मंचन कृष्णा ड्रामेटिक क्लब की ओर से 1962 से किया जा रहा है। जिसे देखने के लिए आसपास के लोगों सहित दूरदराज क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं। सीता माता का भगवान राम से विवाह होने पर कई श्रद्धालुओं ने माता सीता को हाथों में डालने के लिए कलीरे भेंट कर विश्व की मंगल कामना की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें