सांबा के धार्मिक स्थल परमंडल में पुरानी इमारते बन रही खंण्डर
- फोटो : SAMBA
सांबा। जिले के धार्मिक स्थल एवं छोटे काशी के नाम से मशहूर पुरमंडल आज भी विकास से कोसों दूर है। स्थानीय लोगों के अनुसार देव स्थान का विकास नहीं होने से लोगों की आस्था पर चोट पहुंच रही है।
सरपंच अनिल शर्मा, जोगिंद्र शर्मा, गणेश दत्त आदि ने बताया कि धार्मिक स्थल पुरमंडल के विकास के लिए सरकार की ओर से भी फंड की कमी के चलते देव स्थान में बनी पुरानी इमारतें गिरने के कगार पर हैं। सरकार को चाहिए कि पुरानी धरोहरों की मरम्मत कराए। स्थानीय लोगों ने उपराज्यपाल से गुहार लगाई है कि हिंदुओं के धार्मिक स्थलों के विकास की ओर भी ध्यान दिया जाए। जहां लाखों लोगों की आस्था बनी हुई है। देव स्थान पर बने स्नान घरों की हालत भी दयानीय है।
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पुरमंडल मंदिर ढाई हजार वर्ष पुराना है। यहां एक कुदरती कुंड है, इसमें भरा पानी न तो कम होता है न ही अधिक होता है। कुंड में शिवलिंग है, जो आपशंभु है। मंदिर में चौबीस घंटे ज्योति जलती रहती है। मंदिर का महत्व काशी के बराबर है। इसे छोटा काशी भी कहते हैं।
-अनिल शर्मा, मंदिर के पुजारी
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केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत पुरमंडल व उत्तरवहनी के विकास के लिए 53 करोड़ रुपये की योजना केंद्र सरकार को भेजी है। इससे पुरमंडल व उत्तरवहनी धार्मिक स्थल का चहुंमुखी विकास कराया जाए गा।
-अवतार सिंह, डीडीसी सदस्य, पुरमंडल ब्लॉक