संत रोचा सिंह की तस्वीर को नमन करते ट्रस्ट के सदस्या व अन्य
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मीरां साहिब। रोचा सिंह ट्रस्ट के महासचिव कामरेड सरूप सिंह की अध्यक्षता में सिंबल कैंप वार्ड-चार में चार दिन से चल रहे समागम के अंतिम दिन मंगलवार को अखंड पाठ के बाद उनकी तस्वीर पर फूल अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम में पहुंचे सामाजिक व राजनीतिक लोगों ने भी उन्हें याद किया।
कामरेड सरूप सिंह ने कहा कि पाठ के दौरान रागियों ने गुरु के नाम का गुणगान करने के साथ शबद कीर्तन से संगत को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने कहा कि संत रोचा सिंह की पवित्र गद्दी पाक अधिकृत कश्मीर के रावलाकोट स्थित डेरा साहिब में है। संत रोचा सिंह ने अपना जीवन दुखी लोगों की सभा करने के साथ सिख धर्म का प्रचार कर नई रोशनी देने के साथ गुरु जी के बताए मार्ग पर चल सबका भला करने का संदेश दिया। ट्रस्ट के प्रवक्ता कुंदल लाल शर्मा ने कहा कि 11 वर्ष पूर्व संभाग के 122 सिख यात्रियों ने रावलाकोट में गुरु की गद्दी के गुरुद्वारे में दर्शन के लिए आवेदन किया। इसके बावजूद संगत को दर्शन के लिए पाकिस्तान की सरकार की ओर से बीजा नहीं दिया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार से पाकिस्तान सरकार से बीजा दिलाए जाने की मांग की। ताकि संत रोचा सिंह की गद्दी के दर्शन कर सकें। दोपहर बाद लंगर लगाया गया।
इस मौके पर ट्रस्ट के चेयरमैन सुखदेव सिंह, गुरदीप सिंह, नरेश बिट्टू, सुरजीत सिंह सासन, पूर्व सरपंच गुरमीत कौर, सरपंच राविंद्र सिंह, प्रवीण कौर, सेवानिवृत्त कै. व नायब सरपंच हरनाम सिंह, गुरमीत सिंह सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों सहित काफी संख्या में संगत मौजूद रही।