सुंदरबनी। बाण गंग वाले आश्रम बनपुरी में चल रही श्री राम कथा में ठाकुर शास्त्री ने राजा दशरथ का राम वियोग में प्राण त्याग सहित अन्य कई रोचक प्रसंग सुनाए। इससे लोगों की आंखों में आंसू आ गए।
ठाकुर शास्त्री ने राम सीता लक्ष्मण की याद में राजा दशरथ का हाय राम हाय करते हुए प्राण छोड़ने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं राजा दशरथ ने मनुष्य रूप में जीवित रहकर बेटा राम जैसा पाया और मृत्यु के समय परमात्मा राम का नाम लेते हुए शरीर छोड़ा। उन्होंने राम का माता गंगा को प्रणाम करना और केवट के संग उस पार जाना। पदयात्रा करते हुए भारद्वाज मुनि के आश्रम में पहुंचना। राम एवं भरत का मिलन और भरत का राम को मनाना और अंत में राम का भरत को पुनः मना करके अयोध्या भेजने का प्रसंग सुनाया।