सांबा/विजयपुर। स्नेरकी के मां बगलामुखी मंदिर में सोमवार को माता बगलामुखी की जयंती मनाई गई। इस मौके पर मंदिर के पुजारी ने हवन किया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और हवन कुंड में आहुतियां डालीं।
इसके बाद माता बगलामुखी के मंदिर में आरती की गई। हवन पूजा सुबह 11 बजे शुरू हुई और दोपहर 12:30 बजे तक जारी रही। मंदिर के सेवादार राहुल संब्याल ने बताया कि माता बगलामुखी हिंदू धर्म में 10 महान ज्ञान देवियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि माता बगलामुखी देवी अपने भक्तों की गलत धारणाओं और भ्रांतियों या भक्तों के शत्रुओं को अपनी कुदाल से दूर करती हैं। उन्हें पीतांबरा के नाम से भी जाना जाता है। हवन और पूर्णाहुति के बाद मंदिर के प्रांगण में सामुदायिक रसोई (भंडारा) का आयोजन किया गया। उधर, विजयपुर में भी माता बगलामुखी की जयंती मनाई गई। भक्तों ने सुबह माता बगलामुखी की पूजा अर्चना कर सुख-शांति की कामना की। पंडित अश्वनी शर्मा और भक्तों ने बताया कि माता की साधना प्राय: शत्रु भय से मुक्ति और सिद्धि के लिए की जाती है।