मेंढर। चैत्र नवरात्र के सातवें दिन मेंढर उपजिले के मंदिरों और घरों में मां कालरात्रि की पूजा का विशेष आयोजन किया गया। मां के इस रूप को भक्तों की रक्षा करने वाला और उनमें नया साहस भरने वाला माना जाता है।
सुबह से ही उपजिले के सभी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही, जहां मां के भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन हुआ। घर-घर में स्थापित कलशों के समक्ष महिलाओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की। स्थानीय महिलाओं सुमन लता, शोभा रानी, रेवती देवी, शांति देवी और कंचन देवी ने बताया कि नवरात्र के इन पवित्र दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप उनके घरों में विराजते हैं, जिससे घर में पवित्रता और सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।
मां कालरात्रि के स्वरूप को लेकर भक्तों में खास आस्था देखी गई। मान्यता है कि यह स्वरूप भक्तों के सभी भय दूर कर उनमें नया साहस भरता है। आज के दिन विशेष रूप से मां की आराधना कर भक्तों ने अपनी सुरक्षा और मनोबल बढ़ाने की कामना की।
कल अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा का विधान है, जिसकी तैयारियां श्रद्धालुओं ने शुरू कर दी हैं। पूरा मेंढर नगर नवरात्र के पावन माहौल में सराबोर है।