सचिव की फोटो.....बृज मोहन शर्मा पीएच1 में है
फाइल फोटो डुग्गरों में परंपरागत विवाह की एक झांकी। फाइल फोटो
सचिव बृज मोहन शर्मा ने कहा-जंक फूड, मोबाइल फोन और नशे की लत से दूर ले जाने के लिए युवाओं को कला-संस्कृति से जोड़ना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जंक फूड, फटी जींस, मोबाइल फोन और नशे की लती होती युवा पीढ़ी डुग्गर संस्कृति व संस्कारों से दूर होती जा रही है। नई पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ना जरूरी है। इसी जरूरत को समझते हुए जम्मू-कश्मीर के संस्कृति विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। सचिव बृज मोहन शर्मा ने बताया कि डुग्गर उत्सव, प्रदर्शनी, संवाद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से विभाग युवा पीढ़ी को डुग्गर संस्कृति और संस्कारों से परिचित कराएगा।
सचिव ने सोमवार को अमर उजाला से बातचीत में बताया कि बीते रविवार को धरोधर दी झांकी शोभायात्रा से इसकी शुरुआत हुई है। बृज मोहन शर्मा ने कहा कि बच्चों से पूछिए वो नहीं जानते की टोडा क्या है क्युर क्या है,जबकि यही खानपान हमारी संस्कृति की पहचान हैं।
अब न तो बेटियां शादियों में कलीरे पहनना पसंद करती हैं न ही लोग जानते हैं कि नरसिंघा क्या होता है। छज्जा नृत्य और कुड नृत्य करने वाले कलाकार भी अब गिने-चुने ही बचे हैं। संस्कृति विभाग इन कलाकारों की पहचान करेगा, इनका डाटा बैंक तैयार करेगा और इनके माध्यम से बच्चों और युवाओं तक अपनी कलाओं को पहुुंचाएगा। नए साल में नई योजना के साथ इस पर काम शुरू होगा।