संत सुभाष शास्त्री प्रवचन करते हुए।
विजयपुर। क्षेत्र के सीमलावाली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथावाचक सुभाष शास्त्री ने श्रीकृष्ण भगवान की लीला का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में सुख दुख आता जाता रहता है।
कथा वाचक ने आगे कहा कि कभी समय अनुकूल तो कभी प्रतिकूल होता है। कभी मान, कभी अपमान तो कभी यश और कभी अपयश होता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जो आनंद भागवत कथा सुनने व सत्संग में आने से मिलता है, वह कहीं और नहीं मिलता। मनुष्य का स्वभाव है कि वह लगभग हर काम लाभ के लिए करता है, लेकिन यह भी सत्य है कि सत्संग से लाभ ही मिलता है, हानि नहीं होती। जैसा वातावरण मानव को मिलता है उसकी वैसी ही मनोवृत्ति हो जाती है। सुभाष शास्त्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि जहां कहीं भी सत्संग व श्रीमद्भागवत कथा का ज्ञान रूपी प्रसाद बंट रहा हो तो थोड़ा समय निकाल कर वहां जरूर जाना चाहिए। संवाद