फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

6 साल से केवल कागजों में ही चलता रहा भेड़ पालन केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
राजोरी। उपायुक्त नजीर अहमद शेख ने नौशेरा के गांव गनिया में गैर-मौजूद भेड़पालन केंद्र की जांच के आदेश दिए हैं। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा गांव लंगर के सरपंच सुखदेव सिंह और ब्लॉक डेवलपमेंट नौशेरा के चेयरमैन बोधराज ने डिप्टी कमिश्नर से किया।
विज्ञापन

उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में दायर आरटीआई के जवाब में निदेशालय ने जवाब दिया कि उक्त गांव में भेड़पालन केंद्र को छह साल पहले स्वीकृत किया गया था और कर्मचारियों को भी नियुक्त किया गया था। इसके अलावा केंद्र को एक वाहन भी प्रदान किया गया। यहां तक कि नियुक्त किए गए कर्मचारियों का वेतन भी हर माह जारी किया जा रहा था। पंचायत सदस्यों और बीडीसी अध्यक्ष के अलावा क्षेत्र के लोगों को निदेशालय से जवाब मिलने के बाद बहुत आश्चर्य हुआ कि यदि केंद्र खोला गया तो वो जमीन पर कहीं भी क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र को केवल दस्तावेज पर मंजूरी दी गई है और जमीन पर मौजूद नहीं है। फिर कर्मचारियों का वेतन कहां जा रहा है। बीडीसी अध्यक्ष और अन्य लोगों ने सरपंच सुखदेव की अगुवाई में जिला मजिस्ट्रेट नजीर शेख के समक्ष शिकायत दर्ज की। जिन्होंने अतिरिक्त डीसी नौशेरा को मामले की जांच करने और दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। डीसी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि उक्त मामले की जांच के लिए नौशेरा के एडीसी के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच करने और दो दिन में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें