जम्मू। सेना की व्हाइट नाइट कार्प के 50 वर्ष पूरे होने पर नगरोटा में सेना ने मेले का आयोजन किया। इसमें सैन्य समेत अन्य स्कूलों के 2000 बच्चे शामिल हुए। मेले में बच्चों को सेना की ताकत का एहसास कराया गया। इसके अलावा उन्हें सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया गया। मेले का आगाज आसमान में गरजते रुद्र अटैक हेलीकाप्टर और स्काई डाइवर के हैरतअंगेज करतब से हुआ। दोनों की आसमान से एंट्री ने बच्चों को रोमांचित कर दिया।
पैरा मोटर्स का उपयोग करते हुए उड़ान का शानदार प्रदर्शन भी किया गया। इस मौके पर व्हाइट नाइट कार्प के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह मुख्य अतिथि थे। आर्मी पब्लिक स्कूल नगरोटा, सैनिक स्कूल नगरोटा, एनसीसी कैडेट, गवर्नमेंट गर्ल्स मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल नगरोटा, गवर्नमेंट बॉयज हाई स्कूल नगरोटा के बच्चों ने इसमें शिरकत की। इस अवसर पर डॉग शो, बैंड डिस्प्ले और वेपन इक्विपमेंट डिस्प्ले का आयोजन किया गया।
आतंकी हमले से निपटने के दृश्य को बच्चों ने मोबाइल फोन में किया कैद
सेना के जवानों ने एक मॉकड्रिल भी की। इस दौरान दिखाया गया कि कैसे आतंकी हमले के दौरान जवान मोर्चा संभालते हैं और आतंकियों को घेरकर उन्हें मौत के घाट उतारते हैं। इस दृश्य को बच्चे अपने मोबाइल फोन में कैद करते नजर आए।
आतंकवाद के खिलाफ जंग और बहादुरी का स्वर्णिम इतिहास
वर्ष 1972 में 1 जून को सेना की व्हाइट नाइट कार्प का गठन किया गया था। इसके पहले जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब थे। कार्प का कई लड़ाइयों और आतंकवाद के खिलाफ जंग और बहादुरी का स्वर्णिम इतिहास है। आतंकवाद के खिलाफ भी कार्प का बड़ा योगदान है। जीओसी व्हाइट नाइट कॉर्प्स, लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कोर के गौरवशाली इतिहास और जम्मू क्षेत्र की रक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया।
उन्होंने क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने और पाकिस्तान के साथ लड़े गए युद्धों के दौरान जांबाजों के बलिदान को याद किया। जीओसी ने क्षेत्र में शांति और सद्भाव बनाए रखने में सुरक्षा बलों के साथ उनके सराहनीय योगदान के लिए आवाम की सराहना भी की।