जम्मू। दिवाली को कुछ दिन शेष बचे हैं। लोग पर्व मनाने की तैयारियों में जुटे हैं। सामाजिक संगठनों ने भी इस बार ग्रीन दिवाली मनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रण लिया है। सामाजिक संस्थाएं इस बार मंदिरों में पूजा, दीप जलाकर और मिठाइयां बांटकर दिवाली मनाएंगी। कोरोना महामारी के कारण लोग पहले ही परेशान हैं, अगर पटाखे चलाए जाते हैं तो पर्यावरण में और प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी हो सकती है। सामाजिक संगठनों ने सभी लोगों से अपील की है कि वे इस बार घर पर ही रहें और दीपों की रंगोली के साथ दिवाली मनाएं।
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पुरानी मंडी स्थित राजपूत सभा ने भी इस बार ग्रीन दिवाली मनाने का निर्णय लिया है। सभा के भवन में दिवाली पर पहले साफ-सफाई की जाएगी और उसके बाद मंदिर में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर मिठाइयां बांटीं जाएगी। सभा के सदस्य इस बार सभी को पटाखे न चलाने की सलाह दे रहे हैं और खुद भी पटाखे नहीं चलाएंगे। पटाखों से वातावरण प्रदूषित होता है। कई प्राणी ध्वनि प्रदूषण से मर जाते हैं।
- कुंवर नारायण सिंह, अध्यक्ष, राजपूत सभा
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दिवाली खुशियां बांटने का त्योहार है। साथ ही अपने आसपास के वातावरण को भी स्वच्छ रखना जरूरी है। कोरोना काल के बीच इस बार दिवाली दीप जलाकर मनाई जाएगी, पटाखे नहीं चलाए जाएंगे। इसके साथ सभा की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए पटाखे न चलाएं। इस बार दिवाली पर कोविड-19 के मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
- रमेश अंगुराना, अध्यक्ष, गुरु रविदास सभा
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हमेशा की तरह हम इस बार भी पटाखे रहित दिवाली मनाएंगे। दीप जलाकर प्रभु श्रीराम को याद किया जाएगा। हम स्वयं के साथ दूसरों को भी प्रेरित करेंगे कि पटाखे न चलाएं। पहले से ही कोरोना महामारी फैली हुई है और जान-बूझकर दूसरी बीमारी को दावत देना मानव धर्म नहीं है। लोगों से अनुरोध है कि घर पर रहकर ही दिवाली मनाएं और कोविड-19 के नियमों का ध्यान रखें।
- गुलचैन सिंह चाढ़क, अध्यक्ष, डोगरा सादर सभा
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कोरोना महामारी के चलते इस बार प्रदेश विश्वकर्मा सभा भंडारे का आयोजन नहीं करेगी। पटाखे रहित दिवाली मनाई जाएगी। मंदिरों को सजाकर उनमें कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखकर हवन करवाया जाएगा। बाद में सभा की ओर से मिठाइयां बांटीं जाएगी। सभा के सदस्य अपने परिवार के साथ इस बार पटाखे न चलाकर ग्रीन दिवाली मनाएंगे। इसके साथ लोगों को भी जागरूक करेंगे।
- जोगिंद्र अंगोत्रा, अध्यक्ष, प्रदेश विश्वकर्मा सभा
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कश्यप राजपूत सभा की इस बार दिवाली में सारे सदस्य हिस्सा नहीं लेंगे। सभा में इस बार लड़ियों और दीपों से रोशनी की जाएगी। लोगों को पटाखे न चलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सदस्यों का कहना है कि पटाखों से वातावरण प्रदूषित होता है, जिसका प्रभाव मनुष्यों के साथ अन्य जीव-जंतुओं पर पड़ता है। पटाखे चलाते वक्त कई लोग जख्मी हो जाते हैं, इसलिए सभी ग्रीन दिवाली मनाएं।
- गोपाल सनोत्रा, महासचिव, कश्यप राजपूत सभा