युवा पीढ़ी को डोगरा त्योहारों और उनके सामाजिक और धार्मिक महत्व से परिचित कराया
ज्यौड़ियां। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज ने डोगरी विभाग, गतिविधि और सांस्कृतिक मामलों की समिति व आईक्यूएसी के सहयोग से शिक्षित भारत कार्यक्रम के अंतर्गत गांधीवादी विचारों और मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सावन (श्रवण) के पवित्र माह के दौरान डोगरा संस्कृति में रुट राडे उत्सव मनाने के लिए मिंजरां (सकोलड़े) बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को डोगरा त्योहारों और उनके सामाजिक और धार्मिक महत्व से परिचित कराना था।
प्राचार्य प्रो. कुलदीप राज शर्मा ने कहा कि सावन बारिश का महीना है जो ढेर सारी खुशियां लेकर आता है, और डोगरा संस्कृति में विभिन्न त्योहारों के उत्सव से जुड़ा है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह त्योहार लोक कला से संबंधित है, जहां मिंजरां या (सकोलड़े) तैयार किए जाते हैं और युवा लड़कियों और नवविवाहित दुल्हनों को त्योहार के उत्सव के रूप में बालों व कानों में पहनने के लिए भेंट किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह त्योहार समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सामाजिक बंधन को मजबूत करने में मदद करता है।
प्रतियोगिता में विभिन्न सेमेस्टर के 17 छात्राओं ने भाग लिया। डॉ. राकेश भारती, डॉ. वंदना राजपूत, प्रो. सुषमा कुमारी ने छात्रों के प्रदर्शन को जज किया। ललिता देवी ने पहला, एल्बी और अंजलि मेहरा ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि मानसी, मुस्कान मेहरा, सोनिया भारती ने तीसरा स्थान हासिल किया। छठे सेमेस्टर की छात्रा रिया शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा डॉ. रिमझिम गुप्ता (डोगरी विभागाध्यक्ष) ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्रो. नसीब कुमार भगत, प्रो. अमिता शर्मा, रतन लाल और गौरव शर्मा भी उपस्थित थे।