अखनूर। शिवरात्रि पर्व पर कस्बे के द्वापर युग के कामेश्वर मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पूजा अर्चना के साथ रोज भंडारा लगाया जा रहा है। महामंडलेश्वर रामेश्वर दास और महंत डाॅ. सत्य नारायण दास की अगुवाई में शिवरात्रि पर्व का आयोजन किया जा रहा है।
मंदिर में आयोजित रामकथा एवं रुद्र यज्ञ के साथ चल रहे कार्यक्रम में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर आस्था व्यक्त कर रहे हैं। कथा वाचक महंत डाॅ. सत्य नारायण दास ने कहा कि भगवान शिव संसार के रचनाकार हैं। सभी मनुष्य, जीव और जंतुओं की भगवान के प्रति आस्था रहती है, मगर कुछ अज्ञानी लोग पैसे और शान शौकत से भूल जाते हैं कि भगवान का भी जाप करना चाहिए, जबकि भगवान हमेशा सुखों और दुखों में साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की महिमा ऐसी है कि एक मिनट में भगवान संसार के समझदार मनुष्य को मूर्ख, अज्ञानी को ज्ञानी को बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की लीला अभी तक कोई मनुष्य और वन्य जीव, जंतुओं समझ नहीं पाया। ऐसे हर किसी को भगवान के प्रति आस्था रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान हर किसी के प्रति अच्छी सोच रखता है, मगर इसके लिए मनुष्य को भगवान के प्रति विश्वास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक बार एक महिला एक संत के पास बच्चे को लेकर गई, संत से कहा कि मेरा बेटा मीठा बहुत खाता है। संत ने महिला से कहा कि पंद्रह दिनों बाद आना। महिला पंद्रह दिनों बाद संत के पास गई, तो संत ने बच्चे को निर्मल भाषा से कहा कि मीठा खाने से शरीर में कई रोग उत्पन्न हो जाते हैं। जो शरीर को कष्ट दे सकते हैं, और जाने को कहा। महिला ने संत से प्रश्न किया, संत जी अगर यही बात कहनी थी तो आप पहले दिन भी यही बात बोल सकते थे, पंद्रह दिनों बाद बोली। संत ने कहा तब मैं भी अधिक मीठा खाता था, मगर अब कम कर दिया है, जिससे अब मैं बच्चे को मीठा खाने से मना कर सकता हूं। तब यही बात कहता तो कारगर नहीं होती।