जम्मू। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 83वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को एमए स्टेडियम डीजी परेड का आयोजन हुआ। इसमें डीजी सीआरपीएफ कुलदीप सिंह ने मुख्य रूप से शिरकत कर परेड की सलामी ली। वहीं, सीआरपीएफ के दस्तों ने देशभक्ति के तरानों के बीच मार्च पास्ट सहित हैरतअंगेज करतब दिखा कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सीआरपीएफ की ओर से पहली बार डीजी परेड का आगाज जम्मू के एमए स्टेडियम में हुआ। इसमें देशभर के आठ सेक्टरों के सीआरपीएफ दलों ने हिस्सा लिया। डीजी सीआरपीएफ कुलदीप सिंह ने परेड की सलामी ली। इसके उपरांत सीआरपीएफ बटालियनों की टुकड़ियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर मौजूद लोगों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। परेड दिवस के माध्यम से सीआरपीएफ ने देश की एकता और अखंडता से जम्मू वासियों को रूबरू कराने का प्रयास किया है। इसमें झारखंड, उत्तर, पश्चिम, जम्मू, देहरादून, राजस्थान, नार्थ ईस्ट सहित कोबरा बटालियन दल ने हिस्सा लिया।
डीजी ने बताया कि बताया कि डीजी परेड मुख्य रिहर्सल होती है। 19 मार्च को लेकर होने वाले कार्यक्रम का ही यह हिस्सा है। सरकार ने सभी बलों को दिल्ली के बाहर परेड करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोग बलों के शौर्य और इतिहास को जान सकें। यह एतिहासिक क्षण है, जब जम्मू के लोगों को सीआरपीएफ के बारे में जानने का मौका मिला है।
महिला कर्मियों के हैरतअंगेज करतबों पर तालियों से गूंजा स्टेडियम
सीआरपीएफ की अलग-अलग बटालियनों से आई महिलाओं ने बाइक पर हैतरअंगेज करतब दिखाए। इन्हें देख कर स्टेडियम तालियाें की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। महिलाओं के इस डेयर डेविल दस्ते ने बाइक पर कई अन्य करतब भी दिखाए।
मल खंभ पर दिखाई ताकत
महराष्ट्र से आए सीआरपीएफ के विशेष दल ने प्रसिद्धमल खंभ पर करतब दिखा कर वाहवाही लूटी। एक अन्य दल ने तलवारबाजी का नमूना पेश किया। छोटे बच्चों और महिलाओं ने देशभक्ति के तरानों पर रंगारंगा प्रस्तुतियां दीं।
शूरवीरों से रूबरू हुए लोग
सीआरपीएफ के लिए शौर्य चक्र, अर्जुन पुरस्कार, वीर चक्र जैसे सम्मान पाने वाले अधिकारी और कर्मियों से भी लोग रूबरू हुए। इनको सीआरपीएफ वाहनों में पूरे मैदान में घुमाया गया, ताकि लोग इनके बारे में जान सकें।
सीआरपीएफ कर्मी एवं अधिकारी सम्मानित
स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस पर सम्मान पाने वाले सैकड़ों अधिकारियों और कर्मियों को डीजी ने सम्मानित किया। सीआरपीएफ के लिए विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम करने वालों को भी सम्मानित किया गया। इन लोगों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने तकनीक और विज्ञान में अपना योगदान दिया। साथ ही नक्सल, आंतकवाद ग्रस्त क्षेत्रों में बेहतर काम करने के लिए भी सम्मान पाया। इन लोगों को डीजी ने नकदी, ट्राफी, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया।