कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शन
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घाटी में लगातार बिगड़ रहे हालात से क्रास एलओसी ट्रेड पर भी असर पड़ रहा है। ट्रेडर्स के अनुसार वर्तमान में कारोबार पर तकरीबन 10 फीसदी असर पड़ा है। बीते दिनों ही क्रास एलओसी ट्रेड के लिए जाने वाली गाड़ियों की संख्या घटाकर 25 कर दी गई थी। इसके बाद से अब तब घाटी में खराब हालात ट्रेडर्स के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
क्रास एलओसी ट्रेडर्स एसोसिएशन से जुड़े एक व्यापारी का कहना है कि ट्रेड को बढ़ावा दिए जाने के प्रयास होने चाहिए थे, लेकिन इसका ठीक उलट हो रहा है। बढ़ावा तो दूर ट्रेडर्स नुकसान भुगत रहे हैं। इनकी मानें तो सरकार को सरकार को व्यापार के लिए सूचीबद्ध वस्तुओं की संख्या बढ़ानी चाहिए थी, ताकि व्यापार के दायरे में बढ़ोतरी हो सके। लेकिन यह भी अभी दूर की कौड़ी है। अभी तक केवल 21 वस्तुओं का ही नियमानुसार व्यापार किया जा सकता है।
इसके अलावा फुल ट्रक बाडी स्कैनर की भी व्यापारियों की पुरानी मांग उठाते हैं, ताकि सामान की चेकिंग के दौरान होने वाले अवांछित मेंटिनेंस से बचा जा सके। भरोसा मिलने के बावजूद अभी इसकी स्थापना फैसिलिटेशन सेंटर पर नहीं की गई है। क्रास एलओसी ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल रज्जाक बताते हैं कि कुछ समय पहले एलओसी पर फायरिंग हुई थी तो दो-तीन दिन तक कारोबार बंद ही रहा था। वह फैसिलिटेशन सेंटर में सुविधाएं बढ़ाए जाने की बात दोहराते हैं।