जम्मू। क्राइम ब्रांच जम्मू ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को खिलाफ पांच अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की हैं। इन लोगों पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने, वीजा और दस्तावेज धोखाधड़ी के साथ सरकारी खाते से फर्जी तरीके से पैसा निकालकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप हैं। इनमें चंडीगढ़ स्थिति एक निजी कंपनी में शीर्ष अधिकारी, बिजली विभाग में सरकारी कर्मचारी, एक वकील और अन्य लोग शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच में दायर पहली एफआईआर चौधरी मुश्ताक निवासी राजोरी और अन्य के खिलाफ है। इन पर आरोप है कि इन्होंने 41 युवाओं को टेरिटोरियल आर्मी (टीए) के फर्जी नियुक्ति पत्र दिए। इसकी एवज में युवाओं से 1.43 करोड़ रुपये लेकर ठगी की। दूसरा मामला में हेमराज और काव्य नायर निवासी त्रेता मोड़ बाड़ी ब्राह्मणा के खिलाफ दर्ज हुआ है। इनके खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पैसे ऐंठने का आरोप है। भद्रवाह के अविनाश सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उन्हें श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में प्रबंधक की नौकरी देने के नाम पर 18.55 लाख रुपये लिए गए हैं। तीसरी एफआईआर में चंडीगढ़ की कंपनी एमएस सैफायर के मालिक जस बाजवा, प्रबंधक युवराज सिंह सिंधू, काउंसलर गगन, इंचार्ज रिफंड देवेंद्र और शालिका कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता व अन्य शामिल हैं। इनके खिलाफ प्रेमनाथ निवासी सांबा के शिकायत दर्ज करवाई है। आरोप है कि कंपनी ने वीजा देने के नाम 17.09 लाख रुपये की ठगी की है।
हस्ताक्षर जालसाजी कर सरकारी खाते से निकाली रकम
चौथा मामले में अदालत के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें एक्सईएन जम्मू विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेपीडीसीएल) कार्यालय बटोत के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने सेवानिवृत्त कार्यकारी अभियंता शक्ति सिंह के हस्ताक्षर जालसाजी से बनाकर सरकारी खाते से बड़ी रकम निकाली है। पांचवां मामला मेंढर निवासी नासिर अली से जुड़ा है। उन्होंने शिकायत पर दायर एफआईआर के अनुसार उस्मान अफजल निवासी मेंढर, अधिवक्ता मोहम्मद वसीम और एक महिला निवासी मेंढर पर एसआरओ-43 प्रक्रिया में फर्जी हलफनामा तैयार करने व इस्तेमाल करने का आरोप है। एसएसपी क्राइम ब्रांच जम्मू बेनाम तोश ने पुष्टि की है कि पांच मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में क्राइम ब्रांच की आर्थिक विंग जांच कर रही है।