एक माह पहले लापता हुए दो लोगों के शव खेत में बंद पडे़ कुएं से मिलने पर हड़कंप मच गया। मृतक के परिवार वाले बदहवाश हालत में मौके की तरफ भागे। महिलाएं बार-बार बेहोश हो रही थीं।
घर के सदस्यों का कहना था कि सोची-समझी साजिश के तहत दोनों की हत्या की गई है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम आरएस पुरा उपजिला अस्पताल में किया गया। इसके बाद परिवार को शव सौंप दिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
25 जनवरी को गांव चक्क लावल के राजेन्द्र कुमार (22) और वैनागढ़ निवासी कृ ष्ण लाल (45) के परिवार ने मीरां साहिब थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिवार ने बताया था कि घर से बाइक पर निकलने के बाद कसबे की एक दुकान के बाहर उनका वाहन खड़ा मिला था।
राजेंद्र कुमार पुलिस में एसपीओ के तौर पर तैनात था। उसकी ड्यूटी बिक्रम चौक (जम्मू) में थी। मीरां साहिब पुलिस ने दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। वहीं मृतक कृष्ण लाल की पत्नी गारो देवी ने बताया कि सुबह के समय राजेंद्र व भुवनेश उर्फ बब्बू उसके पति कृष्ण लाल को घर से बुलाकर ले गए थे।
वहीं भुवनेश ने बताया कि मीरां साहिब तक ही वह उनके साथ गया था। बाद के बारे में कोई जानकारी नहीं। गारो देवी ने बताया कि घर से जाते समय कृष्ण लाल ने कहा था कि मेरे मिस काल करने पर चाय बना देना, तब तक मैं दोस्तों को ले जाने के लिए जा रहा हूं।
वहीं मृतक राजेन्द्र कुमार के पिता मेला राम का कहना है कि पुलिस को भुवनेश के बारे में जानकारी थी, लेकिन दोनों परिवारों को कुछ नहीं बताया गया।
सच्चाई का पता तब चला, जब पुलिस ने भुवनेश से गहन पूछताछ की। उन्होंने कहा कि दोनों लोगों की सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई है।