लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) पर घुसपैठ में असफल होने से हताश आतंकियोें ने अब नई तकनीक अपनाई है। घुसपैठ की संख्या में कमी आने के बाद आतंकियोें ने स्थानीय लोगों की भर्ती शुरू की है।
सैन्य प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी ने कहा कि आतंकी अब तक घुसपैठ के परंपरागत मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन अब वे भारत में घुसने के लिए अन्य मार्गों के इस्तेमाल की योजना बना रहे हैं। इसी क्रम में वह स्थानीय लोगों को भी अपने ग्रुप में शामिल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आतंकियों द्वारा सोशल मीडिया का उपयोग किया जाना सुरक्षा की दृष्टि से काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति स्थिरीकरण के संघर्षपूर्ण मोड़ से समाधान के संघर्ष की ओर है।