कश्मीर घाटी में स्थानीय अदालत ने एक शिक्षक को नौवीं कक्षा की छात्रा से बलात्कार करने के मामले में 10 साल की सजा सुनाई। दूसरे अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीनगर शाम लाल लालहाल ने बरजुल्ला इलाके के रहने वाले शिक्षक परवेज अहमद डार को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
आरपीसी की धारा 376 (1) के अंतर्गत दोषी शिक्षक को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 25,000 रुपए का जुर्माना भी भरना होगा।
जुर्माने की रकम के भुगतान में चूक होने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी पड़ेगी। कोर्ट का यह भी कहना है कि अपराधी द्वारा भरी गई जुर्माने की रकम पीड़ित छात्रा को दी जानी चाहिए।
सरकारी वकील एडवोकेट जहान आरा शाह और बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट मुश्ताक अहमद डार को सुनने के बाद सजा की घोषणा की।
अदालत का कहना था कि ऐसे मामलों में पीड़ित के सम्मान, प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए सजा जरूरी है। इससे पहले सरकारी वकील एडवोकेट जहान आरा ने अदालत से अपराधी को कड़ी सजा सुनाने की गुजारिश की थी।
बहस के दौरान सरकारी वकील ने अपराधी के लिए आजीवन कारावास की मांग की।
गौरतलब है कि दिसंबर 2013 में पीड़ित लड़की के भाई ने श्रीनगर के सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि पीड़ित लड़की जो 14 वर्ष की है, उसके साथ शिक्षक ने बलात्कार किया है और किसी को नहीं बताने के लिए धमकाता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल के लिए ललदेद अस्पताल भेजा था।