हाई प्रोफाइल रोशनी घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में सौंपी गई स्टेट विजिलेंस आर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट से हाईकोर्ट नाखुश है। मंगलवार को इस मामले पर हाईकोर्ट के जस्टिस मोहम्मद याकूब और बीएस वालिया की खंडपीठ ने विजिलेंस और राज्य सरकार को दो हफ्तों के भीतर ताजा रिपोर्ट बनाकर सौंपने के आदेश जारी किए। इससे पहले एडवोकेट एसएस अहमद ने मामले की जानकारी दी।
अहमद ने विजिलेंस की ताजा रिपोर्ट की तरफ ध्यान दिलवाते हुए कहा कि विजिलेंस ने पांच मामलों को जांच करने के बाद साबित कर दिया था और तीन नए मामले भी हाल ही में दर्ज किए गए हैं।
इससे पहले सरकार की तरफ से गगन बसनोत्रा की तरफ से दी गई दलीलों पर खंडपीठ ने कहा कि अभी सौंपी गई रिपोर्ट और पहले की सौंपी गई रिपोर्ट में कोई फर्क नहीं है। पहली रिपोर्ट पर भी आपत्तियां थीं और इसमें भी हैं।
ताजा रिपोर्ट संतुष्टि लायक नहीं है। विजिलेंस को आदेश देते हुए कहा कि इसे लेकर एसएसपी को रिपोर्ट को सही करके सौंपने के लिए कहें। खंडपीठ ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब रोशनी घोटाले के मामलों को खंडपीठ ने वापस विजिलेंस के पास जांच के लिए भेजा था, तो इस पर जांच अभी तक पूरी क्यों नहीं की गई।
एडवोकेट एसएस अहमद ने कोर्ट को यह भी बताया कि रोशनी घोटाले के 547 मामलों को आडिट होना था, लेकिन इसकी रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। खंडपीठ ने सरकार और विजिलेंस को आदेश देते हुए रोशनी घोटाले पर ताजा रिपोर्ट दो हफ्ते के भीतर सौंपने के लिए कहा है।