शहर में चोरों का आतंक इस कदर है कि वीआईपी तक सुरक्षित नहीं। डेढ़ महीने में ही चोरी की पचास से अधिक घटनाओं ने पुलिस के सुरक्षा इंतजाम पर सवालिया निशान लगा दिया है। यहां तक कि चोरियों को लेकर पुलिस को अब तक कोई बैठक नहीं हुई है।
यही नहीं, पिछले छह महीनों में जितनी भी बड़ी चोरियां हुई हैं, वह अनसुलझी हैं। अनसुलझी चोरियों के बीच हर रोज होने वाली चोरियां सिरदर्द बन गई हैं। सरकारी इमारतों तक को निशाना बनाया जा रहा है।
अभी कुछ दिन पहले गांधी नगर में विधायक के घर चोरी हुई। यहां से चोर लगभग सारा सामान चुरा कर ले गए। इसके अगले दिन पुरानी मंडी इलाके में सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य के कार्यालय का ताला तोड़ कर चोरी करने की कोशिश हुई।
दिवाली के ठीक दो दिन पहले शहर के पुरानी मंडी इलाके में कपड़े की बड़ी दुकान से लाखों की नकदी चोरी हो गई और कई अन्य सामान गायब हो गया।
इसी दिन शहर के गांधी नगर इलाके में एक साथ तीन दुकानों में चोरी हुई। एक दिन पहले मुबारक मंडी में सरकारी स्कूल से एलसीडी चुरा ली गई। 9 नवंबर से लेकर 16 नवंबर तक एक हफ्ते के भीतर शहर में एक दर्जन छोटी बड़ी चोरियां हुई हैं।