भारी राशि लेकर रिसर्च थीसिस बेचने वालों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने शिकंजा कस दिया है। क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी के आसपास स्थित साइबर कैफे और फोटोशाप दुकानों पर गैरकानूनी रूप से थीसिस बेचकर विश्वविद्यालय को ठगने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
जम्मू विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने क्राइम ब्रांच को इस संबंध में जानकारी दी। वीसी ने बताया कि कुछ अखबारों में समाचार प्रकाशित हुआ है कि दस हजार रुपये लेकर रिसर्च थीसिस बेची जा रही है।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी यूजीसी के तमाम नियमों का कड़ाई से पालन करती है और खासकर थीसिस तैयार करने और उसे जमा करवाने में विशेष नजर रखी जाती है, लेकिन उन्हें उस समय झटका लगा, जब कुछ लोगों द्वारा रुपये लेकर छात्रों को थीसिस बेचने का मामला प्रकाश में आया। इस तरह यह नियमों का उल्लंघन है।
शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आरपीसी की धारा 420, 465, 466, 467, 471, 120-बी के तहत मामला दर्ज कर लिया।
साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटा है कि फर्जी थीसिस बेचने वाले गिरोह में किस तरह के लोग शामिल हैं और वे विद्यार्थियों से कितनी मोटी रकम वसूल रहे हैं।