जेएनएफ के अनुसार आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोप में ट्रायल का सामना कर रहे संजय कुमार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी वाईपी कोतवाल ने 12 साल की कठोर सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। पुलिस केस के अनुसार 22 जून 2012 को बच्ची सुबह 10-11 बजे अपने दादा के घर से दही लेने गई थी।
जब वह लौट रही थी तो संजय ने उसका रास्ता रोका और उसे उठाकर पास के जंगल में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के रोने और चिल्लाने पर आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने बच्ची के अभिभावकों की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। साथ ही जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया।
पीठासीन अधिकारी कोतवाल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि समाज में महिलाओं, खासकर बच्चियों के खिलाफ बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताई। खासकर नौ साल से छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसे मामलों को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत आरोपी को 12 साल की कठोर सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने अदा करने को कहा। अदालत ने कहा कि जुर्माने की राशि पीड़ित परिवार को दे दी जाए।